बाल्हेडीह जंगल में प्रशासन का मेगा ऑपरेशन: अवैध पत्थर माफियाओं पर शिकंजा, करोड़ों की मशीनें जब्त, 6 हिरासत में l
जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है।

बाल्हेडीह जंगल में प्रशासन का मेगा ऑपरेशन: अवैध पत्थर माफियाओं पर शिकंजा, करोड़ों की मशीनें जब्त, 6 हिरासत में l
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। सरिया अंचल के बाल्हेडीह जंगल में संचालित अवैध पत्थर खदान पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मेगा ऑपरेशन चलाकर करोड़ों रुपये मूल्य की मशीनें और उपकरण जब्त कर लिए। कार्रवाई के दौरान छह लोगों को हि,रासत में लिया गया, जबकि कई अन्य आ,रोपी मौके से फरार हो गए। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके के अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, यह अभियान एसडीओ संतोष गुप्ता के नेतृत्व में चलाया गया। ऑपरेशन में एसडीपीओ धनंजय राम, अंचल अधिकारी संतोष कुमार, सरिया थाना प्रभारी पिंकू कुमार सिंह समेत पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी तथा भारी संख्या में सुरक्षा बल शामिल थे। संयुक्त टीम ने जंगल के भीतर स्थित अवैध खदान को चारों तरफ से घेर लिया और चल रहे खनन कार्य को तत्काल बंद करा दिया।

छापेमारी के दौरान प्रशासन ने पत्थर उत्खनन में लगी भारी मशीनें, उपकरण और अन्य संसाधन जब्त कर लिए। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और अवैध खनन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। हि,रासत में लिए गए छह लोगों से लगातार पूछताछ कर पूरे सिंडिकेट का नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
प्राथमिक जांच में ताजुद्दीन अंसारी, नरेश पासवान और सुरेश नायक के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनकी भूमिका की गहन जांच कर रही है और अवैध खनन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
बताया जा रहा है कि बाल्हेडीह जंगल में लंबे समय से अवैध पत्थर उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से यह बड़ी कार्रवाई की। अचानक हुई छापेमारी से अवैध कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मौके से भाग निकले।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गिरिडीह में अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और जांच के आधार पर पूरे खनन नेटवर्क पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि सरकारी संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कानून तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

