खेतको में वनरक्षियों के द्वारा निर्माणाधीन अबुआ आवास तोड़े जाने से लोगों में आक्रोश है
खेतको में वनरक्षियों के द्वारा निर्माणाधीन अबुआ आवास तोड़े जाने से लोगों में आक्रोश है

खेतको में वनरक्षियों के द्वारा निर्माणाधीन अबुआ आवास तोड़े जाने से लोगों में आक्रोश है
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह: बगोदर प्रखंड के खेतको में वनरक्षियों के द्वारा निर्माणाधीन अबुआ आवास तोड़े जाने से लोगों में आक्रोश है. इस घटना का चौतरफा विरोध किया जा रहा है. बगोदर के सत्ताधारी से लेकर विपक्षी पार्टी के द्वारा भी वन रक्षियों के इस कार्रवाई का विरोध एवं निंदा की गई है. दूसरी तरफ इस मामले को लेकर बगोदर की बीडीओ निशा कुमारी ने आवास तोड़ रहे वन कर्मियों के खिलाफ थाना में लिखित शिकायत की है.
दरअसल, खेतको गांव की तारा कुमारी पांडेय नामक महिला को अबुआ आवास मिला है. महिला के मुताबिक वह भू दान की जमीन पर आवास बना रही है. इस बीच गुरुवार को कुछ वन कर्मी पहुंचे और उसके निर्माणाधीन आवास को यह कहकर तोड़ने लगे कि आवास वन भूमि पर बन रहा है. वह गिड़गिड़ाती रही लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी. महिला ने इस मामले को लेकर बगोदर थाना में वन कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी के लिए आवेदन दी है. जबकि सरिया – बगोदर के एसडीएम को भी न्याय के लिए पत्र सौंपा है.

इस घटना को लेकर बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो और पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने भी वन रक्षियों की कार्रवाई की आलोचना की है. साथ ही मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है. घटना को लेकर विधायक नागेंद्र महतो शुक्रवार को महिला के घर पर भी पहुंचे. वहीं माले का प्रतिनिधिमंडल भी खेतको पहुंचा और पूरी जानकारी ली है.
दूसरी ओर बीडीओ निशा कुमारी और थाना प्रभारी विनय कुमार यादव ने भी खेतको पहुंचकर मामले की छानबीन की. इस मामले में पुलिस द्वारा वनरक्षियों से भी पूछताछ की गई है. वन रक्षियों ने पुछताछ में पुलिस को बताया कि निर्माणाधीन अबुआ आवास वन विभाग की जमीन पर बन रहा था, इसकी जानकारी मिलने पर वनरक्षी आनंद प्रजापति, वनरक्षी सरफराज आलम और टेटलगार्ड छोटी मंडल पहुंचे थे और निर्माण को ध्वस्त किया.
“खेतको की महिला तारा देवी को अबुआ आवास आवंटित किया गया है. महिला आवास ही बना रही थी जिसे तोड़ा गया है. महिला ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया है. इस मामले में आवास को तोड़ने वाले वनकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी जा रही है. बगोदर थाना को आवेदन दिया गया है बगोदर का मुरारी नायक ने बताया कि
“खेतखो की जिस तारा देवी नामक महिला के आवास को तोड़ा गया है, वह आवास भू – दान में मिली जमीन पर महिला बना रही थी. महिला के पास भू – दान के कागज हैं. हालांकि इसकी जमाबंदी नहीं की गई है.”
“आवास तोड़ने का वीडियो हमें भी मिला है. इस मामले को काफी गंभीरता से लिया गया है. प्रमंडल के अमीन से जमीन की मापी करवायी गई है. वहीं बगैर सूचना के तोड़ फोड़ किए जाने के मामले को गंभीर मानते हुए एक जांच टीम बनायी गई है. मामले में वनपाल या वनरक्षी जो भी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी.”
इस घटना की जानकारी लेने के बाद विधायक नागेन्द्र महतो ने बताया कि भुक्तभोगी तारा कुमारी पांडेय ने बताया कि उनकी दादी सास को भू-दान में जमीन मिली थी. उसका पर्ची भी है. उनके परिवार के लोग तीन पीढ़ी से उसी जगह पर रहते आ रहे हैं. पहले खपरैल मकान था, जिसे तोड़कर अबुआ आवास बनाया जा रहा है. विधायक नागेन्द्र महतो ने मामले को गंभीर बताया. उन्होंने डीएफओ को पूरे मामले से अवगत कराकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है
पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने भी घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि बगैर जमीन मापी और नोटिस के वन रक्षियों के द्वारा जिस तरह से गरीब परिवार का निर्माणाधीन अबुआ आवास तोड़ा गया वह निंदनीय है. उन्होंने कहा कि वन भूमि पर बड़ी – बड़ी निजी कंपनियां चल रही है, इस ओर विभाग का ध्यान नहीं है. वन विभाग का डंडा गरीबों पर चला है. उन्होंने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है. साथ ही इस परिवार को बसाने की मांग की है

वन रक्षियों के द्वारा निर्माणाधीन अबुआ आवास तोड़े जाने का वीडियो भुक्तभोगी तारा देवी ने बनायी है. वीडियो में वनरक्षी का तेवर आपत्तिजनक है. ऐसे में वीडियो देखने के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोग इस मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.




