आदिम जनजाति के खेतों पर फॉरेस्ट की ट्रेंचिंग से बढ़ी चिंता, फॉरवर्ड ब्लॉक ने आंदोलन की दी चेतावनी l
गांडेय प्रखंड के बरमसिया-1 पंचायत अंतर्गत रसिकाबदार गांव में आदिम जनजाति के पूर्वजों के समय से खेती की जा रही वन भूमि पर वन विभाग द्वारा ट्रेंच काटकर घेराबंदी किए जाने का मामला सामने आया है।

आदिम जनजाति के खेतों पर फॉरेस्ट की ट्रेंचिंग से बढ़ी चिंता, फॉरवर्ड ब्लॉक ने आंदोलन की दी चेतावनी l
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गांडेय : गांडेय प्रखंड के बरमसिया-1 पंचायत अंतर्गत रसिकाबदार गांव में आदिम जनजाति के पूर्वजों के समय से खेती की जा रही वन भूमि पर वन विभाग द्वारा ट्रेंच काटकर घेराबंदी किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण अपनी खेती-बाड़ी को लेकर चिंता में हैं।

ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश यादव ने गांव का दौरा कर आदिम पुजहर जनजाति के लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ ट्रेंचिंग वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां कई पुराने खेतों के बीच भी गड्ढों की खुदाई किए जाने का दावा किया गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि अब वे अपनी पारंपरिक खेती नहीं कर पाएंगे।
राजेश यादव ने कहा कि वनाश्रित आदिवासियों, आदिम जनजातियों और अन्य गरीब परिवारों को वन भूमि का पट्टा नहीं मिलना सरकार की बड़ी विफलता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई वनाश्रितों को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गरीबों के खेतों को मुक्त नहीं कराया गया तो फॉरवर्ड ब्लॉक आंदोलन करेगा।
दौरे के दौरान उन्होंने गांव की अन्य समस्याओं का भी उल्लेख किया।
उनका कहना था कि गांव में नल-जल योजना के तहत टंकी तो बनाई गई, लेकिन आज तक लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं हुई। वहीं कई परिवारों को दूर के गांव से राशन लाना पड़ता है और अनेक राशन कार्डधारियों के परिवार के सदस्यों के नाम अब भी सूची में शामिल नहीं हैं।
फॉरवर्ड ब्लॉक नेता ने ग्रामीणों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया तथा 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर आयोजित पार्टी के गांडेय प्रखंड सम्मेलन में शामिल होने की अपील की।
इस मौके पर स्थानीय प्रभारी राजू पासवान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला-पुरुष उपस्थित रहे।



