CWG 2026 Boxing: भारतीय मुक्केबाजों का ऐतिहासिक कमाल, सभी 10 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे; अब 10 गोल्ड मेडल जीतने का सुनहरा मौका
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ दिया है।

CWG 2026 Boxing: भारतीय मुक्केबाजों का ऐतिहासिक कमाल, सभी 10 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे; अब 10 गोल्ड मेडल जीतने का सुनहरा मौका
ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ दिया है। शुक्रवार को सेमीफाइनल मुकाबलों में उतरे भारत के सभी 10 मुक्केबाजों ने शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इसके साथ ही भारत के लिए कम से कम 10 पदक सुनिश्चित हो चुके हैं, जबकि अब सभी खिलाड़ी गोल्ड मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ रिंग में उतरेंगे।
भारतीय बॉक्सिंग ने तोड़ा अपना सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारतीय मुक्केबाजों का यह अब तक का सबसे सफल अभियान बन गया है। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन गोल्ड कोस्ट 2018 में देखने को मिला था, जहां भारतीय बॉक्सरों ने कुल 9 पदक जीते थे। उस संस्करण में भारत के खाते में 3 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक आए थे। लेकिन ग्लासगो 2026 में सभी 10 मुक्केबाजों के फाइनल में पहुंचने के साथ भारत ने अपना पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
सेमीफाइनल में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा
भारतीय मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में एक के बाद एक शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात दी। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम वर्ग में तुवालु की तरोना ताफाकी को 5-0 से हराकर अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स फाइनल में जगह बनाई।
70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने बड़ा उलटफेर करते हुए 2022 की स्वर्ण पदक विजेता वेल्स की रोसी एकल्स को 4-0 से हराया। वहीं 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने कनाडा की एंबर-जेन वॉल को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने जाम्बिया की कैथरीन मवापे को 5-0 से हराया, जबकि 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लंबोरिया ने लेसोथो की रापेलैंग मासेलेला को आरएससी के आधार पर हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने इंग्लैंड की लुसी किंग्स-व्हीटली को 5-0 से हराया। पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह ने नामीबिया के फिलिप हाओसेब को 5-0 से हराया, जबकि सचिन सिवाच ने वेल्स के ओवेन हैरिस-एलन को 5-0 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया।
80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को हराया, जबकि सुपर हैवीवेट (+90 किलोग्राम) वर्ग में नरेंद्र बेरवाल ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो के नाइजेल पॉल को 5-0 से हराकर भारत की जीत की लय को बरकरार रखा।
अब 10 स्वर्ण पदकों पर भारत की नजर
सेमीफाइनल में शत-प्रतिशत सफलता के बाद अब भारतीय टीम की निगाहें सभी 10 फाइनल मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीतने पर टिकी हैं। यदि भारतीय मुक्केबाज अपने फाइनल मुकाबलों में भी जीत दर्ज करते हैं, तो यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारतीय बॉक्सिंग का सबसे स्वर्णिम प्रदर्शन होगा।
भारतीय मुक्केबाजों के फाइनल मुकाबले
55 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से होगा।
60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच का सामना नामीबिया के ट्राईअगेन नडेवेलो से होगा।
80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू से भिड़ेंगे।
सुपर हैवीवेट (+90 किलोग्राम) वर्ग में नरेंद्र बेरवाल का मुकाबला इंग्लैंड के दमार थॉमस से होगा।
51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी इंग्लैंड की रूबी व्हाइट से भिड़ेंगी।
54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार का मुकाबला कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा।
70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी इंग्लैंड की चैंटल रीड के खिलाफ उतरेंगी।
57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लंबोरिया उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श का सामना करेंगी।
75 किलोग्राम वर्ग में लवलीना बोरगोहेन की टक्कर ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री से होगी।
60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिया के खिलाफ स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी।
भारत को ऐतिहासिक उपलब्धि की उम्मीद
भारतीय बॉक्सिंग टीम के इस प्रदर्शन ने खेल प्रेमियों की उम्मीदों को नई ऊंचाई दी है। अब सभी की नजरें फाइनल मुकाबलों पर हैं, जहां भारत के मुक्केबाज इतिहास रचने और देश के लिए रिकॉर्ड संख्या में स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगे।




