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महिला एवं बालिका हितैषी ग्राम पंचायतों का विकास सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि आधी आबादी की नीति निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का एक सामूहिक प्रयास है,

महिला एवं बालिका हितैषी ग्राम पंचायतों का विकास सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि आधी आबादी की नीति निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का एक सामूहिक प्रयास है,

पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना

बिहार : महिला एवं बालिका हितैषी ग्राम पंचायतों का विकास सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि आधी आबादी की नीति निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का एक सामूहिक प्रयास है, महिला जन-प्रतिनिधियों के क्षमता संवर्धन हेतु प्रतिबद्ध है पंचायती राज विभाग, बिहार – दीपक प्रकाश, माननीय मंत्री, पंचायती राज विभाग, बिहार

आज दिनांक 24 दिसंबर 2025 को पंचायती राज विभाग, बिहार, यूएनएफपीए (United Nations Population Fund) और PCI -India के संयुक्त तत्वाधान में बिहार की महिला एवं बालिका हितैषी ग्राम पंचायतों के माध्यम से लैंगिक रूप से उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाना (Advancing Gender-Responsive Governance through Woman and Girl friendly Panchayats in Bihar) विषय पर पंचायत जन प्रतिनिधियों को संवेदनशील बनाने के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीपक प्रकाश, माननीय मंत्री, पंचायती राज विभाग, बिहार द्वार दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री, पंचायती राज विभाग, बिहार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिला हितैषी ग्राम पंचायतों का विकास सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि आधी आबादी की नीति निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का एक सामूहिक प्रयास है जो बिना समेकित सहयोग के प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

सिर्फ सामाजिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक स्तर पर लैंगिक भेदभाव को दूर करके एवं आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करके ही आधी आबादी को सशक्त किया जा सकता है। इसे हासिल करने में पंचायत जन-प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य में 38 ग्राम पंचायतें मॉडल महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में कार्य कर रही हैं। पंचायत जन-प्रतिनिधियों के कुशल नेतृत्व में ये ग्राम पंचायतें नियमित रूप से महिला ग्राम सभा का आयोजन कर महिलाओं से संबंधित प्रमुख मुद्दों को चर्चा में ला रही हैं।

जन प्रतिनिधियों विशेषकर महिला जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों के क्षमता संवर्धन हेतु पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के माध्यम से नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा वर्ष 2005 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण प्रदान किया गया। आज राज्य की 50 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतें महिला जन-प्रतिनिधियों के कुशल नेतृत्व में प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर है। जीविका दीदियों ने भी महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला जन-प्रतिनिधियों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभाग इनकी आर्थिक साक्षरता को बढ़ाने की दिशा में प्रयास करेगाताकि ये स्वतंत्र रूप से आर्थिक निर्णय ले सकें।

माननीय मंत्री पंचायती राज विभाग ने कहा कि जन प्रतिनिधि नियमित रूप से महिला ग्राम सभा का आयोजन करें तथा ग्राम पंचायत विकास योजना में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से शामिल करें, स्कूली स्तर से लैंगिक संवेदनशीलता के प्रति छात्रों को जागरूक करें ताकि लैंगिक भेदभाव, घरेलू हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या, मानव तस्करी जैसी समस्याओं का जड़ से उन्मूलन हो सके और समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए सशक्त समाज का निर्माण हो सके।

कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में शामिल शेखपुरा जिले की गगरी ग्राम पंचायत की मुखिया ललिता देवी और कसर ग्राम पंचायत की मुखिया सुजाता देवी ने क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के बारे में बताया साथ ही विभाग द्वारा आयोजित नियमित रूप से आयोजित किये जाने वाले ले प्रशिक्षण कार्यक्रम से कार्यप्रणाली की गुणवत्ता में सुधार हेतु विभाग को धन्यवाद दिया।

आयोजित कार्यशाला में मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार, प्रोफेसर डा. एन. के. अग्रवाल, निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, बिहार, UNFPA एवं PCI India के प्रतिनिधि सहित बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान एवं विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद रहें।

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