बीसीसीएल प्रबंधन की नीतियों के विरोध में आयोजित मशाल जुलूस में मैंने भी भाग लेकर जनता की आवाज़ में अपनी आवाज़ जोड़ी ।
बीसीसीएल प्रबंधन की नीतियों के विरोध में आयोजित मशाल जुलूस में मैंने भी भाग लेकर जनता की आवाज़ में अपनी आवाज़ जोड़ी ।

बीसीसीएल प्रबंधन की नीतियों के विरोध में आयोजित मशाल जुलूस में मैंने भी भाग लेकर जनता की आवाज़ में अपनी आवाज़ जोड़ी ।
संवादाता मलय गोप
मीथेन एक अत्यधिकटी ज्वलनशील और खतरनाक गैस होती है, जो आमतौर पर कोयले की खदानों और जीवाश्म अवशेषों के अपघटन से बनती है। लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि सुरक्षा के नाम पर उन्हें उजाड़ा न जाए, बल्कि वैज्ञानिक तकनीकों से इस जोखिम को कम किया जाए।

जनता का नारा साफ है:
जल, जंगल, ज़मीन — हम नहीं देंगे ।

मेरी मांग है कि क्षेत्र में निम्नलिखित उपाय अपनाकर मीथेन की समस्या का समाधान किया जा सकता है:
– गैस निकासी के लिए वेंटिलेशन बोरहोल्स
– नियंत्रित मीथेन निष्कर्षण
– ज़मीन की मजबूती के लिए तकनीकी उपाय
– गैस डिटेक्शन और रिसाव रोकने की प्रणाली

बीसीसीएल जिस तरह से बिना किसी सुरक्षा मानकों के माइनिंग कर रही है, हमें लगता है कि ऐसी घटनाएं आज नहीं तो कल हर किसी के क्षेत्र में हो सकती हैं। अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर प्रबंधन से लड़ें और अपनी मांगों को मनवाएं।
यह मशाल जुलूस केवल विरोध नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक, मानवीय और न्यायपूर्ण समाधान* की मांग है, सुरक्षा हो, पर विस्थापन नहीं।


