बंगाली समाज ने नम आंखों से मां काली को दी विदाई
गिरिडीह, मकतपुर के बांग्ला स्कूल में काली पूजा के समापन के बाद विसर्जन के दिन बुधवार को सिंदूर खेला की गई।

बंगाली समाज ने नम आंखों से मां काली को दी विदाई
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह, मकतपुर के बांग्ला स्कूल में काली पूजा के समापन के बाद विसर्जन के दिन बुधवार को सिंदूर खेला की गई। बता दें कि रविन्द्र ग्रंथागार पूजा कमिटी की ओर से हर साल धूमधाम से काली पूजा की जाती है।

इस साल भी दो दिनों तक चले पूजा के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया। बता दें कि बंगाली समुदाय की यह एक महत्पूर्ण परंपरा है, जिसमें महिलाएं मां काली की प्रतिमा को विसर्जन से पहले मां काली को सिंदूर लगाकर एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर विदाई देती हैं।

जिसमें महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर शुभकामनाएं देती हैं। इस परंपरा के दौरान बंगला संस्कृति का विहंगम स्वरूप देखने को मिला।

उसके बाद प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रोसेशन निकली गई जो मानसरोवर नदी पहुंची। उसके बाद प्रतिमा विसर्जन किया गया। मौके पर विश्वनाथ पाल रविन्द्र ग्रंथागार काली पूजा कमिटी अध्यक्ष, तनिमा चटर्जी महिलाध्यक्ष आदि लोग मौजूद थे




