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परिसदन, जमशेदपुर में विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति की समीक्षा बैठक।

विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति ने परिसदन, जमशेदपुर में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

परिसदन, जमशेदपुर में विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति की समीक्षा बैठक।
चाटीकोचा गांव के पुनर्वास का मामला अत्यंत गंभीर—विधायक संजीव सरदार।

अभिजीत सेन।

जमशेदपुर—

विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति ने परिसदन, जमशेदपुर में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति विधायक उदय शंकर सिंह ने की। इस दौरान समिति के सदस्य विधायक श्वेता सिंह, विधायक जिग्गा होरो एवं पोटका विधायक संजीव सरदार भी उपस्थित रहे।बैठक में समिति द्वारा जिला खनन पदाधिकारी से जिले में संचालित खदानों की स्थिति एवं राजस्व संकलन की अद्यतन जानकारी ली गई। जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संकलन किया जा रहा है। साथ ही अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस वर्ष प्राथमिकी दर्ज की गई है, वाहनों की जब्ती की गई है तथा जुर्माने की राशि की वसूली की गई है। समिति ने बालू घाटों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग से जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा की गई। समिति ने सभी कारखानों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल यूनिट अनिवार्य रूप से लगाने, प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन कराने, औद्योगिक परिसरों में पौधारोपण, चाहरदीवारी निर्माण एवं सड़कों पर नियमित पानी के छिड़काव के निर्देश दिए।

श्रम अधीक्षक को मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया, वहीं नियोजन पदाधिकारी को अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत रोजगार का लाभ सुनिश्चित कराने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों से निकलने वाले बायो-मेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निष्पादन के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पेयजल, डीएमएफटी, भू-अर्जन, नगर निगम सहित अन्य विभागों की भी समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान पोटका विधायक संजीव सरदार ने जादूगोड़ा स्थित चाटीकोचा गांव का गंभीर मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि गांव में आज भी रेडिएशन का दुष्प्रभाव बना हुआ है, जहां 20 से 25 बच्चे विकलांग हैं और कई लोग अब भी रेडिएशन से प्रभावित हैं। विधायक ने बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व में निरीक्षण भी किया गया था, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले में अब तक चार-चार आईएएस अधिकारी बदल चुके हैं, लेकिन करीब 500 आबादी वाले इस गांव के लिए अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। यह मामला केवल प्रदूषण का नहीं, बल्कि विस्थापन और पुनर्वास से भी जुड़ा हुआ है।

विधायक संजीव सरदार की बातों को गंभीरता से लेते हुए समिति ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि चाटीकोचा गांव के प्रभावित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

बैठक में अपर उपायुक्त, सिविल सर्जन, निदेशक एनईपी, एसओआर, तकनीकी विभागों के अभियंता, एसडीओ, डीएमओ, शिक्षा विभाग, नगर निकाय सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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