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नगर निगम में भेदभाव का आरोप, तीन पार्षदों ने खोला मोर्चा

गिरिडीह नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर अब विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। तीन वार्ड पार्षदों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए महापौर और उपमहापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

नगर निगम में भेदभाव का आरोप, तीन पार्षदों ने खोला मोर्चा
महापौर और उपमहापौर की कार्यशैली पर उठाए सवाल, कहा—अपने करीबियों को मिल रही प्राथमिकता, जनता की समस्याएं नजरअंदाज

गिरिडीह : मनोज कुमार।

गिरिडीह : गिरिडीह नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर अब विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। तीन वार्ड पार्षदों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए महापौर और उपमहापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वार्ड पार्षद संजीव सिंह गुड्डू, दीपक यादव और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मिथुन चंद्रवंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने-अपने वार्ड की समस्याओं को उठाया और विकास कार्यों में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम में विकास कार्यों के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि महापौर और उपमहापौर अपने करीबी लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि उनके वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

पार्षदों ने कहा कि जनता ने उन्हें अपने-अपने क्षेत्र के विकास और बुनियादी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन जब वे जनता की समस्याओं को लेकर नगर निगम के समक्ष अपनी बात रखते हैं, तो उसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। इससे क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में पानी की समस्या को लेकर भी पार्षदों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी लोगों को नियमित राहत नहीं मिल पा रही है। जब शहर में पेयजल संकट का समुचित समाधान नहीं हो रहा है, तो अन्य विकास कार्यों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

तीनों जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि भाजपा की विचारधारा से जुड़े होने के कारण उनके वार्डों में विकास कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में विकास का आधार राजनीतिक विचारधारा नहीं, बल्कि जनता की जरूरतें होनी चाहिए। जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तीनों जनप्रतिनिधियों ने अपने वार्डों की समस्याओं का समाधान करने और विकास कार्यों में निष्पक्षता बरतने की मांग की। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इन आरोपों और मांगों पर क्या कदम उठाता है।

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