किसानों के हितों से समझौता नहीं, तालाब निर्माण में फसलों की सुरक्षा सर्वोपरि: उपायुक्त रामनिवास यादव l
देवरी प्रखंड के लवानियां मौजा में प्रस्तावित तालाब निर्माण योजना को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों और आपत्तियों के बाद उपायुक्त रामनिवास यादव स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थल निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया।

किसानों के हितों से समझौता नहीं, तालाब निर्माण में फसलों की सुरक्षा सर्वोपरि: उपायुक्त रामनिवास यादव l
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : देवरी प्रखंड के लवानियां मौजा में प्रस्तावित तालाब निर्माण योजना को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों और आपत्तियों के बाद उपायुक्त रामनिवास यादव स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थल निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी आशंकाओं को गंभीरता से सुना।

ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि तालाब में पानी भरने से आसपास के खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित खेतों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजना के सभी तकनीकी पहलुओं की पुनः समीक्षा की जाए।

निरीक्षण के दौरान लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तालाब निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई। योजना की उपयोगिता, तकनीकी व्यवहार्यता, जल संचयन क्षमता और किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि यह योजना जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है तथा बरसात से पहले इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब की संरचना ऐसी होनी चाहिए जिससे किसी भी किसान की फसल प्रभावित न हो।

उपायुक्त ने जल निकासी व्यवस्था, जल स्रोतों की उपलब्धता और लिफ्ट इरिगेशन की संभावनाओं पर भी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को लाभ पहुंचाना है, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं और जनभावनाओं का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों के बीच बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर उपायुक्त ने उनकी शिकायतें, सुझाव और समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा।

इसके बाद उपायुक्त ने जमुआ प्रखंड के पालमो स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया और ग्रामीणों से संवाद कर निर्माण कार्य से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि तालाब निर्माण से संबंधित तकनीकी एवं स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए तालाब निर्माण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रयास कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में जल संकट से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान खोरीमहुआ अनुमंडल पदाधिकारी, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, जमुआ अंचलाधिकारी, देवरी प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



