पायल कुमारी मौत मामले में न्याय की मांग तेज, 11 दिन बाद भी खुलासा नहीं होने पर छात्रों और ग्रामीणों का कैंडल मार्च l
गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव की 16 वर्षीय छात्रा पायल कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में 11 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा किसी ठोस खुलासे नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

पायल कुमारी मौत मामले में न्याय की मांग तेज, 11 दिन बाद भी खुलासा नहीं होने पर छात्रों और ग्रामीणों का कैंडल मार्च l
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव की 16 वर्षीय छात्रा पायल कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में 11 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा किसी ठोस खुलासे नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को परिजनों, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने न्याय की मांग को लेकर शहर में विशाल कैंडल मार्च निकाला।

झंडा मैदान से शुरू हुआ मार्च टावर चौक तक पहुंचा, जहां पायल की तस्वीर के समक्ष मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग से जुड़े पोस्टर और बैनर लेकर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच की मांग की।
कैंडल मार्च में पायल के पिता जागेश्वर दास, परिवार के सदस्य शिवा दास, राजू दास और संजय दास सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए। पूरे मार्च के दौरान “पायल को न्याय दो” और “दोषियों को सजा दो” जैसे नारे गूंजते रहे।

पायल के पिता जागेश्वर दास ने कहा कि उनकी बेटी एक मेधावी छात्रा थी और वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन से मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं पायल की सहपाठी छात्राओं ने कहा कि इस घटना ने छात्राओं के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। उनका कहना था कि जब तक मामले का खुलासा नहीं होता, तब तक छात्राओं और अभिभावकों की चिंताएं बनी रहेंगी।

आक्रोशित छात्रों ने टावर चौक पर एक प्रतीकात्मक अपराधी का पुतला बनाकर उसे फांसी के फंदे से लटकाया और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप कर जल्द न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
कैंडल मार्च के माध्यम से लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया कि पायल कुमारी की मौत की सच्चाई सामने आने और दोषियों को सजा मिलने तक उनकी न्याय की लड़ाई जारी



