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पलामू- संत मरियम स्कूल में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जी की जयंती स्वयं को पहचानना ही शिक्षा का मूल उद्देश्य: चेयरमैन

संत मरियम स्कूल में महान विचारक, युगद्रष्टा और युवाओं के पथप्रदर्शक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई।

पलामू- संत मरियम स्कूल में मनाई गई स्वामी विवेकानंद जी की जयंती स्वयं को पहचानना ही शिक्षा का मूल उद्देश्य: चेयरमैन

मेदिनीनगर : संत मरियम स्कूल में महान विचारक, युगद्रष्टा और युवाओं के पथप्रदर्शक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन करने के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन श्री अविनाश देव, प्राचार्य श्री कुमार आदर्श एवं उप-प्राचार्य श्री एस.बी. शाहा व अन्य शिक्षकों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन श्री अविनाश देव ने प्रेरणात्मक शब्दों में कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि आत्मबल और आत्मबोध के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और मानवता का विकास है।

श्री देव ने विद्यार्थियों से कहा कि जब मन में संदेह हो, लक्ष्य धुंधला लगे और परिस्थितियाँ कठिन हों, तब स्वामी विवेकानंद के विचार हमें भीतर से मजबूत बनाते हैं। अपने ऊपर विश्वास रखो, क्योंकि आत्मविश्वास से ही जीवन की हर लड़ाई जीती जा सकती है, यही उनका सबसे बड़ा संदेश है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में असफलता डराने के लिए नहीं, सिखाने के लिए आती है। जो छात्र स्वयं को पहचान लेता है, वही सच्ची शिक्षा प्राप्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ज्ञान के साथ संस्कार, बुद्धि के साथ करुणा और सफलता के साथ विनम्रता को अपनाएं।

कार्यक्रम में समन्वयक अमरेंद्र कुमार, सुधांशु दुबे, निकिता गुप्ता, एकता सहाय, गौरीशंकर सर, श्याम किशोर पांडे समेत अन्य शिक्षक– शिक्षिकाएं व विद्यार्थी मौजूद थे।

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