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हर डॉक्टर को धन्यवाद्, जो निरंतर देखभाल करते हैं, जीवन को स्वस्थ बनाते हैं और अनगिनत ज़िंदगियों में बदलाव लाते हैं। आप ही असली नायक हैं”: इक़बाल ख़ान, नेशनल डॉक्टर्स डे पर

सोनी सब का नया शो हुई गुम यादें– एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियाँ डॉक्टर की निजी ज़िंदगी के उन पहलुओं पर रोशनी डालता है, जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।

हर डॉक्टर को धन्यवाद्, जो निरंतर देखभाल करते हैं, जीवन को स्वस्थ बनाते हैं और अनगिनत ज़िंदगियों में बदलाव लाते हैं। आप ही असली नायक हैं”: इक़बाल ख़ान, नेशनल डॉक्टर्स डे पर

मुंबई, मार्च 2026 : सोनी सब का नया शो हुई गुम यादें– एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियाँ डॉक्टर की निजी ज़िंदगी के उन पहलुओं पर रोशनी डालता है, जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। मशहूर इटैलियन सीरीज़ डॉक (डीओसी) से प्रेरित इस शो में दिखाया गया है डॉ. देव मेहता (इक़बाल खान) का किरदार।

एक शानदार डॉक्टर, जिसकी ज़िंदगी अचानक बदल जाती है, जब वह अपनी कई सालों की यादें खो देता है। जैसे-जैसे वह फिर से उस प्रोफेशन में लौटने की कोशिश करता है, जिसमें सटीकता, संवेदनशीलता और मज़बूती की ज़रूरत होती है, कहानी उन डॉक्टरों की हकीकत भी दिखाती है जो दूसरों की ज़िंदगी बचाने के लिए अपनी ज़िंदगी समर्पित कर देते हैं। 30 मार्च को नेशनल डॉक्टर्स डे के मौके पर इक़बाल खान ने डॉक्टरों की लगातार मेहनत और समर्पण को सलाम किया।

उन्होंने कहा कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, डॉक्टर हर दिन डटे रहते हैं। लंबे घंटे, भावनात्मक मज़बूती और ज़िंदगी बदल देने वाले फैसलों के बीच डॉक्टर हमारे हेल्थकेयर सिस्टम की रीढ़ बने रहते हैं। उनका समर्पण सिर्फ ड्यूटी तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह उनकी ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है। हर दिन वे उम्मीद से भरे हालात में कदम रखते हैं और अपने ज्ञान के साथ-साथ दया और भरोसा भी लेकर आते हैं। उनकी मज़बूत नीयत और अटूट समर्पण अनगिनत ज़िंदगियों को छूता है और हर कदम पर विश्वास जगाता है।

इस बारे में बात करते हुए इक़बाल खान ने कहा , “डॉक्टर सिर्फ बीमारियों का इलाज नहीं करते, वे हर मरीज का भावनात्मक बोझ भी उठाते हैं। कुछ दिन जीत के होते हैं और कुछ दिन सीखने के, लेकिन फिर भी वे अगले दिन उसी मज़बूती और समर्पण के साथ लौटते हैं। शो की तैयारी के दौरान मैंने कई डॉक्टरों से बातचीत की और उनकी बातें मेरे दिल में बस गईं।

निजी तौर पर यह प्रोफेशन मेरे दिल के बहुत करीब है, क्योंकि मेरी दोनों बहनें डॉक्टर हैं। उनकी मेहनत और लंबे घंटे मैंने करीब से देखे हैं और इससे मेरे मन में उनके लिए और भी ज़्यादा सम्मान पैदा हुआ है। इस नेशनल डॉक्टर्स डे पर मैं हर उस डॉक्टर को धन्यवाद् कहना चाहता हूँ, जो लगातार देखभाल करता है, इलाज करता है और अनगिनत ज़िंदगियों में बदलाव लाता है। आप ही असली हीरो हैं।”
देखिए हुई गुम यादें– एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियाँ, 6 अप्रैल से, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।

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