सुहाग की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत, हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की भक्ति में डूबीं सुहागिनें
हरतालिका तीज के पावन अवसर पर शुक्रवार को गिरिडीह सहित पूरे जिले में सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ निर्जला व्रत रखा।

सुहाग की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत, हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की भक्ति में डूबीं सुहागिनें
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : हरतालिका तीज के पावन अवसर पर शुक्रवार को गिरिडीह सहित पूरे जिले में सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ निर्जला व्रत रखा। पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना को लेकर महिलाओं ने पूरे दिन अन्न-जल का त्याग कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।

सुबह से ही विभिन्न मंदिरों और पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाओं ने विधि-विधान से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा की तथा हरतालिका तीज की कथा सुनी। पूजा के दौरान महिलाओं ने शिव-पार्वती से अपने दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख और अखंड सौभाग्य की कामना की।

हरतालिका तीज को लेकर बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। सुहाग की सामग्री, साड़ी, चूड़ी, मेहंदी, सिंदूर, पूजा सामग्री और फल-फूल की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज की पूजा और कथा का आयोजन किया।

मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी आस्था और परंपरा के तहत सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए यह कठिन व्रत रखती हैं।
शाम को सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान शिव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद लिया। देर शाम तक मंदिरों और पूजा स्थलों पर भक्ति का माहौल बना रहा।
हरतालिका तीज ने एक बार फिर गिरिडीह में आस्था, परंपरा और सुहाग के इस पर्व की जीवंत तस्वीर पेश की।



