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शंकरदा के शिक्षा शास्त्री, साहित्यकार, कवि, लेखक, विकास एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक विकास कुमार भगत को शिक्षा क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व, बहुआयामी , ओर प्रेरणादायी योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान से अलंकित किया गया।

शंकरदा गांव के प्रतिष्ठित शिक्षाशास्त्री, साहित्यकार, कवि, लेखक, विकाश एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष तथा पायनियर इंग्लिश स्कूल, जानमडीह के संस्थापक प्राचार्य विकाश कुमार भकत को शिक्षा क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व, बहुआयामी और प्रेरणादायी योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया है।

शंकरदा के शिक्षा शास्त्री, साहित्यकार, कवि, लेखक, विकास एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक विकास कुमार भगत को शिक्षा क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व, बहुआयामी , ओर प्रेरणादायी योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान से अलंकित किया गया।

अभिजीत सेन।

जमशेदपुर/ पोटका

शंकरदा गांव के प्रतिष्ठित शिक्षाशास्त्री, साहित्यकार, कवि, लेखक, विकाश एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष तथा पायनियर इंग्लिश स्कूल, जानमडीह के संस्थापक प्राचार्य विकाश कुमार भकत को शिक्षा क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व, बहुआयामी और प्रेरणादायी योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान उनके द्वारा ग्रामीण भारत में शिक्षा के प्रसार, विशेषकर अंग्रेजी माध्यम शिक्षा को हर वर्ग तक पहुँचाने हेतु किए गए निरंतर प्रयासों, नवीन शैक्षणिक दृष्टिकोण, तथा समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के लिए किए गए सेवाकार्यों को मान्यता प्रदान करता है।

12 दिसम्बर को मुंबई के गोरेगांव (पूर्व) स्थित भव्य बॉम्बे एग्जिबीशन सेंटर में, टाइम्स ऑफ इंडिया के सहयोग से ESFE (Education Supply & Franchise Expo) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित स्टार एजुकेशन अवार्ड्स 2025 समारोह में उन्हें झारखंड के विशिष्ट प्रधानाचार्य (Distinguished Principal of Jharkhand) के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन चुनिंदा शिक्षाविदों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने न केवल अपने संस्थान में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण का निर्माण किया है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विकाश कुमार भकत द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता-सम्पन्न अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की स्थापना, आर्थिक रूप से कमजोर एवं अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना, विद्यार्थियों में अंग्रेजी संप्रेषण कौशल का विकास, तथा आधुनिक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धतियों को लागू करना—इन सभी कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई। उनके नेतृत्व में पायनियर इंग्लिश स्कूल न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का उदाहरण बना है, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और व्यवहारिक सीखने का भी केन्द्र बना है।

इस प्रतिष्ठित अवसर पर देशभर के अनेक राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविद्, विभिन्न राज्यों के विद्यालयों के प्राचार्य, शोधकर्ता, शिक्षा-विशेषज्ञ, ट्रस्टी, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित थे।

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