विस्थापित व स्थानीय लोंगों ने जीप सदस्य संजय सिंह के नेतृत्व में नियोजन सहित अन्य छह सूत्री मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे
एमपीएल प्रबन्धन के वादा खिलाफी,ढुल मूल रवैया,व मनमानी के विरुद्ध नियोजन व मूलभूत सुविधाओं से मरहूम बचे विस्थापितों व स्थानीय युवकों ने जीप सदस्य संजय सिंह उर्फ पिंटू सिंह के नेतृत्व में गुरुवार से एमपीएल गेट पर छह सूत्री मांग जिसमे नियोजन सहित मूलभूत सुविधा मसलन पानी ,विजली,सड़क, व शिक्षा शामिल है को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं ।

विस्थापित व स्थानीय लोंगों ने जीप सदस्य संजय सिंह के नेतृत्व में नियोजन सहित अन्य छह सूत्री मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे
निरसा : एमपीएल प्रबन्धन के वादा खिलाफी,ढुल मूल रवैया,व मनमानी के विरुद्ध नियोजन व मूलभूत सुविधाओं से मरहूम बचे विस्थापितों व स्थानीय युवकों ने जीप सदस्य संजय सिंह उर्फ पिंटू सिंह के नेतृत्व में गुरुवार से एमपीएल गेट पर छह सूत्री मांग जिसमे नियोजन सहित मूलभूत सुविधा मसलन पानी ,विजली,सड़क, व शिक्षा शामिल है को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं । धरना पर बैठे विस्थापितों का कहना है कि हम यंहा के रैयत है,मूलवासी हैं । हमारी जमीन पर 14/15 वर्षों से एमपीएल बिजली का उत्पादन कर रही है ,मुनाफा कमा रही है

और हम विस्थापित बेकार बैठे हुये हैं इस आशा में की हमारा भी भविष्य एक दिन सुरक्षित होगा । उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जमाने का रवैया प्रबन्धन अपना लिया है । उन्होंने कहा कि धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने भी प्रयास किया जिला प्रशासन के साथ प्रबन्धन से वार्ता किया । प्रबन्धन ने ढाई माह का समय लिया था , चार माह बीत गए परिणाम शून्य रहा ।

एमपीएल प्रबन्धन कान में तेल डाल सोया हुआ है । हमारी मांगों के प्रति सकारात्मक वार्ता करने के बजाय सिर्फ कोड़ा आस्वाशन देती रही है । उन्होंने कहा कि जबतक हमारी मांगों पर सकारात्मक वार्ता नही होती है तबतक हमारा आंदोलन अनिश्चितकालीन चलेगा है ।

विस्थापितों का नेतृत्व कर रहे जीप सदस्य संजय सिंह ने कहा कि विस्थापितों की मांगे जायज है ,इनका हक मिलना चाहिये ।उन्होंने कहा कि जिनलोंगों को नियोजन मिला वे भी हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं ।
14/15 साल पूर्व जिस कैटेगोरी में नियोजन मिला ,जो वेतनमान पर नियोजित हुये आज भी वही मिल रहा है । न प्रोन्नति हुई न वेतनमान बढ़ा । इनका शोषण आज भी जारी है । इनकी लड़ाई में हम साथ हैं और तबतक रहेंगे जबतक इनकी जायज मांगे पूरी नही हो जाती ।



