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विनोबा भावे विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विपरीत परिस्थितियों से लड़कर प्रकृति मिश्रा बनीं राजनीति विज्ञान की टॉपर राज्यपाल ने गोल्ड मेडल देकर किया सम्मानित

विनोबा भावे विश्वविद्यालय के भव्य दीक्षांत समारोह में संत कोलंबस कॉलेज की मेधावी छात्रा प्रकृति मिश्रा को स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान में विश्वविद्यालय टॉपर बनने पर राज्य के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा स्वर्ण पदक गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

विनोबा भावे विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विपरीत परिस्थितियों से लड़कर प्रकृति मिश्रा बनीं राजनीति विज्ञान की टॉपर राज्यपाल ने गोल्ड मेडल देकर किया सम्मानित

हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय के भव्य दीक्षांत समारोह में संत कोलंबस कॉलेज की मेधावी छात्रा प्रकृति मिश्रा को स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान में विश्वविद्यालय टॉपर बनने पर राज्य के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा स्वर्ण पदक गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त कर प्रकृति ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।

पिता के असमयिक निधन के बावजूद नहीं टूटने दिया हौसला

प्रकृति मिश्रा की यह सफलता इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि उन्होंने अत्यंत विषम परिस्थितियों और पारिवारिक संकट का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। खपरियावां निवासी व सर्वोदय सिद्धार्थ ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक (दिवंगत) अभय कुमार मिश्र की पुत्री प्रकृति के सिर से पिता का साया असमयिक ही उठ गया था। पिता के चले जाने के बाद गहरा सदमा लगने और आर्थिक संकट के बावजूद प्रकृति ने अपने हौसले और संकल्प को टूटने नहीं दिया।

सरकारी स्कूलों से पढ़ाई कर तय किया सफलता का सफर

प्रकृति की पूरी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी विद्यालयों से संपन्न हुई है। उन्होंने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई उत्क्रमित उच्च विद्यालय, खपरियावां से पूरी की, जिसके बाद इंटरमीडिएट की परीक्षा जिला स्कूल से उत्तीर्ण की। कठिन आर्थिक व पारिवारिक परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने कभी अपनी लगन और मेहनत में कमी नहीं आने दी।

विश्वविद्यालय में दे रही हैं सेवा, प्रोफेसर बनने का है सपना

अपनी प्रतिभा के बल पर प्रकृति वर्तमान में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में बतौर फैकेल्टी असिस्टेंट टीचर अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत पिता का सपना था कि वे शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिखर तक पहुँचें। अपने पिता के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से वे भविष्य में प्रोफेसर बनकर शिक्षा और शोध के क्षेत्र में योगदान देना चाहती हैं।

क्षेत्र में हर्ष का माहौल

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल मिलने की खबर मिलते ही खपरियावां समेत पूरे हजारीबाग क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय शिक्षाविदों, समाजसेवियों और परिजनों ने प्रकृति को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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