भोजपुरी,मगही और अंगिका को स्थानीय भाषा बनाने का किया विरोध
भोजपुरी,मगही और अंगिका को स्थानीय भाषा बनाने का किया विरोध

आजाद हिंद फौज बरकट्ठा के सदस्यों ने बरकट्ठा उत्तरी पंचायत भवन में भोजपुरी,मगही तथा अंगिका भाषा को स्थानीय भाषा बनाने का विरोध तथा 1932 खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने की मांग को लेकर हेंमत सरकार के विरुद्ध आंदोलन के लिए विचार विमर्श हेतु बैठक की। बैठक की अध्यक्षता जिप सदस्य मीना देवी व संचालन सुर्यदेव प्रसाद ने किया।बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि भाषाई आक्रमण के विरुद्ध तथा 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति की मांग को लेकर 25 फरवरी को प्रखंड मुख्यालय मैदान में धरना-प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलन का शुरूआत किया जाएगा। आंदोलन में पुरे झारखंड आंदोलन के नेतृत्व कर्ता टाइगर जयराम महतो को आमंत्रित कर मुख्य अतिथि बनाया जाएगा। साथ ही कई और अहम निर्णय लिए गए इस आंदोलन के निमित्त संचालन कमेटी बनाई गई जिसमें अध्यक्ष अर्जुन राणा,उपाध्यक्ष अपराजिता चौधरी,सुर्यदेव प्रसाद टिंकू,सचिव सुशील हितैषी तथा सुरेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष पीताम्बर नायक सहित ग्यारह सदस्य का कमेटी बनाया गया।मौके पर मौजुद सांसद प्रतिनिधि केदार साव ने कहा कि झारखंड अलग होने को 22 वर्ष हो चुका है। झारखंडवासी अब अन्याय तथा शोषण नहीं सहेंगे।जब तक भोजपुरी,मगही तथा अंगिका को वापस लेने तथा 1932 खतियान आधारित स्थानीति लागु नहीं किया जाता है तब तक यह जंग जारी रहेगा। बैठक में मुख्य रूप से जिला परिषद भावी प्रत्याशी अपराजिता चौधरी,सलैया मुखिया गोपाल प्रसाद,शिलाडीह मुखिया नरेन्द्र सिंह, वरिष्ठ नेता टुकलाल नायक,गोरहर मुखिया पुत्र सुनील मुर्मु, सुरेश पाण्डेय, छोटेलाल प्रसाद,छोटीलाल प्रसाद, सुशील हितैषी,उमेश पासवान,संजय पासवान, पीताम्बर नायक,रामजी बेसरा,मनोज बास्के, रविन्द्र शर्मा,रंजन प्रसाद,मनोज प्रसाद समेत आदि लोग उपस्थित थे।




