बिहार के किसानों को मिलेगा सब्जियों का बेहतर दाम! CM सम्राट चौधरी ने पटना जू के पास खोला पहला तरकारी आउटलेट, 200 केंद्र बनाने की तैयारी
बिहार में सब्जी उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और आम लोगों को उचित कीमत पर ताजी व गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है।

बिहार के किसानों को मिलेगा सब्जियों का बेहतर दाम! CM सम्राट चौधरी ने पटना जू के पास खोला पहला तरकारी आउटलेट, 200 केंद्र बनाने की तैयारी
पटना: बिहार में सब्जी उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और आम लोगों को उचित कीमत पर ताजी व गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 नवंबर 2026 को पटना जू के गेट नंबर-2 के पास तरकारी आउटलेट का उद्घाटन किया। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) की ओर से संचालित यह अपनी तरह का पहला आउटलेट है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना, बिचौलियों की भूमिका कम करना और उपभोक्ताओं तक उचित दर पर ताजी सब्जियां पहुंचाना है।

इस उद्घाटन कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और सहकारिता विभाग के मंत्री रामकृपाल यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं को शुद्ध, ताजी एवं गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वेजफेड के माध्यम से शुरू किए गए तरकारी आउटलेट इसी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
किसानों और आम उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा सीधा फायदा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सब्जी उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार मिले और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए उचित अवसर उपलब्ध हो। तरकारी आउटलेट के माध्यम से किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था से किसानों को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। वहीं, आम लोगों को भी ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उचित कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार की इस पहल को कृषि और सहकारिता क्षेत्र में बाजार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम प्रयास माना जा रहा है।

बिचौलियों की भूमिका होगी कम, किसानों से सीधे खरीदी जाएंगी सब्जियां
सहकारिता विभाग के मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि तरकारी आउटलेट के माध्यम से सब्जी उत्पादक किसानों और सब्जी उत्पादक समूहों से सीधे सब्जियों की खरीद की जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को भी ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उचित दर पर मिलेंगी। इसके साथ ही सब्जी उत्पादकों को बाजार और रोजगार के अवसरों का सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की उपज को संगठित बाजार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उत्पादन और बिक्री के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
पहले चरण में 200 तरकारी आउटलेट बनाने की योजना
मंत्री रामकृपाल यादव ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके पहले चरण में कुल 200 तरकारी आउटलेट का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक आउटलेट पर 7.44 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इन आउटलेट का आकार 15×10 वर्ग फीट रखा गया है।
पटना में इस योजना का विस्तार भी किया जाएगा। पटना नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न पार्कों में गुणवत्तापूर्ण तरकारी आउटलेट खोलने की योजना है। इसके अलावा जल्द ही गर्दनीबाग स्थित ऑफिसर्स फ्लैट और शास्त्री नगर स्थित ऑफिसर्स क्वार्टर में भी तरकारी आउटलेट शुरू किए जाएंगे।
इससे शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों को ताजी सब्जियां खरीदने के लिए सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा। साथ ही, किसानों के उत्पादों को शहर के बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता भी आसान होगा।
‘हर थाली में बिहार तरकारी’ को साकार करने की तैयारी
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ‘हर थाली में बिहार तरकारी’ के लक्ष्य को साकार करना है। इसके लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर जरूरी आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। सब्जियों के व्यवस्थित संग्रहण के लिए अलग-अलग स्थानों पर संग्रहण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों को आवश्यक बुनियादी उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही सब्जी हाटों में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे सब्जियों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनाए रखने और उनकी बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी।
किसानों को आधुनिक खेती, प्रसंस्करण और मार्केटिंग की मिलेगी ट्रेनिंग
वेजफेड की योजना केवल सब्जियों की खरीद और बिक्री तक सीमित नहीं है। इसके तहत सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े किसान सदस्यों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन, सब्जियों के प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के साथ-साथ बाजार की जरूरतों और आधुनिक व्यावसायिक तरीकों से भी जोड़ना है।
पंचायत और प्रखंड स्तर पर संग्रहण केंद्र, सब्जी हाटों में कोल्ड स्टोरेज तथा सहकारी समितियों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाओं से सब्जियों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने और सब्जियों की बर्बादी रोकने पर जोर
बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) की यह पहल राज्य में सब्जी उत्पादकों को संगठित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का जोर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, बिचौलियों की भूमिका कम करने और उपभोक्ताओं तक ताजी सब्जियां पहुंचाने पर है।
संग्रहण केंद्रों और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा विकसित होने से सब्जियों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ उनकी बर्बादी रोकने में भी मदद मिल सकती है। वहीं, तरकारी आउटलेट की संख्या बढ़ने से किसानों के लिए बिक्री के नए अवसर तैयार होंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद
पटना जू के गेट नंबर-2 के पास आयोजित तरकारी आउटलेट के उद्घाटन कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, निबंधक (सहयोग समितियां) रजनीश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
वेजफेड की इस पहल के जरिए बिहार में किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा बाजार संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। पहले चरण में 200 आउटलेट तैयार करने की योजना और पटना के विभिन्न इलाकों में इनके विस्तार से राज्य में सब्जियों की खरीद-बिक्री के लिए नई व्यवस्था विकसित होने की उम्मीद है।



