पटना में बिहार सरस मेला 2026 का भव्य आगाज, 15 राज्यों की महिला शिल्पकार दिखा रहीं हुनर; 10 दिनों तक चलेगा मेला
ज्ञान भवन, पटना में रविवार शाम बिहार सरस मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मेले का उद्घाटन किया।

पटना में बिहार सरस मेला 2026 का भव्य आगाज, 15 राज्यों की महिला शिल्पकार दिखा रहीं हुनर; 10 दिनों तक चलेगा मेला
Bihar Saras Mela 2026: ज्ञान भवन, पटना में रविवार शाम बिहार सरस मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मेले का उद्घाटन किया। 20 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस मेले में बिहार समेत 15 राज्यों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमी अपने हस्तशिल्प, हैंडलूम, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों के साथ शामिल हुई हैं।
पटना में ग्रामीण महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरस मेला-2026 का शुभारंभ हो गया है। रविवार शाम ज्ञान भवन, पटना में आयोजित समारोह में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्री श्रवण कुमार ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया।
यह सरस मेला 20 सितंबर से 29 सितंबर 2026 तक चलेगा। दस दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बिहार के साथ देश के अलग-अलग राज्यों से आई महिला उद्यमियों और शिल्पकारों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और ग्राहकों तक पहुंचाने का मंच मिल रहा है।

ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों से सजे मेले के स्टॉल
उद्घाटन के बाद ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सरस मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पाद, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, सजावटी सामान, जैविक उत्पाद और पारंपरिक देशी व्यंजन देखे।
मंत्री ने अलग-अलग स्टॉल पर जाकर महिला उद्यमियों से बातचीत की और उनके उत्पादों की गुणवत्ता, नए प्रयोग और उद्यमशीलता की सराहना की। मेले में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें ग्राहकों से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।

इसके बाद समारोह का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ किया गया।
जीविका दीदियों ने पौधे भेंट कर दिया हरित संदेश
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत जीविका दीदियों ने हरित पौध भेंट कर किया। पौध भेंट करने की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जल-जीवन-हरियाली अभियान के संदेश से जुड़ी रही।
समारोह में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति यानी जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री हिमांशु शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि बिहार सरस मेला ग्रामीण महिला उद्यमियों के परिश्रम, प्रतिभा और उद्यमशीलता को व्यापक मंच देने का काम कर रहा है। उनके अनुसार यह आयोजन केवल सामान बेचने का माध्यम नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण का उत्सव भी है।

15 राज्यों की महिला उद्यमी लेकर पहुंचीं अपने प्रदेश की पहचान
हिमांशु शर्मा ने बताया कि इस वर्ष के सरस मेले में बिहार सहित 15 राज्यों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिला उद्यमी हिस्सा ले रही हैं। ये महिलाएं अपने-अपने राज्यों की विशिष्ट कला, शिल्प, स्वाद, परंपरा और संस्कृति से जुड़े उत्पाद लेकर पटना पहुंची हैं।
इस तरह सरस मेला एक ही स्थान पर अलग-अलग राज्यों की ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों और पारंपरिक हुनर को देखने और खरीदने का अवसर उपलब्ध करा रहा है।

ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने का काम कर रहा सरस मेला
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एच.आर. श्रीनिवास ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में आयोजित सरस मेला ग्रामीण विकास और बाजार के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीविका ने बिहार में महिला सशक्तीकरण की मजबूत नींव तैयार की है। सरस मेला जैसी पहल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को शहरी और राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे जीविका दीदियों की आय में लगातार वृद्धि का अवसर बन रहा है।
उन्होंने जीविका के मॉडल को पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

‘बिहारिका’ के नए लोगो का हुआ लोकार्पण
बिहार सरस मेला 2026 के उद्घाटन समारोह में बिहार की महिला उद्यमियों के उत्पादों के सामूहिक ब्रांड ‘बिहारिका’ के नए लोगो का भी लोकार्पण किया गया। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्री श्रवण कुमार ने नए लोगो का अनावरण किया।
बिहारिका ब्रांड के जरिए जीविका दीदियों के उत्पादों को एक अलग पहचान देने और उन्हें व्यापक बाजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
मंत्री श्रवण कुमार बोले- महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
अपने संबोधन में ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि जीविका का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को संगठित करना, उनकी आजीविका को मजबूत करना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मंत्री ने विशेष रूप से सतत् जीविकोपार्जन योजना और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने गांवों के समग्र विकास और गरीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि सरस मेला भी इसी प्रयास की कड़ी है और ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
लोगों से सरस मेले में पहुंचकर ग्रामीण महिलाओं को प्रोत्साहित करने की अपील
ग्रामीण विकास मंत्री ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सरस मेले में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग यहां आकर ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों को देखें, उनकी खरीदारी करें और उनके हुनर एवं उद्यम को प्रोत्साहित करें।
सरस मेले के जरिए महिला उद्यमियों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके उत्पादों के लिए बाजार विस्तार की संभावनाएं बढ़ती हैं।
हस्तशिल्प स्मृति चिन्ह देकर अतिथियों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के अंत में मंचासीन अतिथियों को जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इसके बाद बिहार राज्य गीत के गायन के साथ उद्घाटन समारोह का समापन हुआ।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बिहार सरस मेला 2026 के उद्घाटन समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री उदय नारायण चौधरी, विधायक श्री रविन्द्र प्रसाद सिंह, जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्रीमती अनन्या सिंह, जीविका के निदेशक श्री राम निरंजन सिंह, निदेशक (उद्यम) श्री विनय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री राजेश कुमार, राज्य परियोजना प्रबंधक श्री पवन कुमार प्रियदर्शी, राज्य परियोजना प्रबंधक श्रीमती नाजिश बानो, परियोजना प्रबंधक श्री अलोक कुमार गोपाल और राज्य कार्यालय की जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती माधवी चौधरी समेत जीविका के अन्य पदाधिकारी और प्रबंधक मौजूद रहे।
इसके अलावा विभिन्न जिलों से पहुंची जीविका दीदियां, दूसरे राज्यों से आई महिला उद्यमी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग भी समारोह में उपस्थित रहे।
दस दिनों तक चलने वाला बिहार सरस मेला 2026 ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने और बाजार का विस्तार करने का अवसर प्रदान कर रहा है। वहीं पटना के लोगों को एक ही जगह बिहार सहित 15 राज्यों के ग्रामीण उत्पाद, हस्तशिल्प, हैंडलूम, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय संस्कृति से जुड़े सामान देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है।



