जी.एम महाविद्यालय में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर सेमिनार का आयोजन “
जी.एम महाविद्यालय में आज राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर सेमिनार का आयोजन किया गया । सर्वप्रथम राष्ट्रीय गीत से सेमिनार प्रारंभ किया गया।

जी.एम महाविद्यालय में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर सेमिनार का आयोजन “
जी.एम महाविद्यालय में आज राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर सेमिनार का आयोजन किया गया । सर्वप्रथम राष्ट्रीय गीत से सेमिनार प्रारंभ किया गया। राजनीति विज्ञान के शिक्षक कुंदन शशि शर्मा ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस है। वर्ष 1947 में संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकरण करने की याद में हर वर्ष 22 जुलाई को देश में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस मनाया जाता है।

महाविद्यालय के प्राचार्य श्री शम्भू कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस एकता और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। इस दौरन महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक विनय कुमार मेहता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज ही के दिन 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में आधिकारिक रूप से स्वीकार (अंगीकार) किया था।

तिरंगा हमारे गौरव, स्वाभिमान, एकता, अखंडता और बलिदान का अमर प्रतीक है। महाविद्यालय के शिक्षक रेयाज अहमद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। आइये हम सभी इस अवसर पर राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।
डॉ.उमेश ठाकुर ने कहा कि आज ही के दिन 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने हमारे प्यारे तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में आधिकारिक तौर पर अपनाया था। हमारा तिरंगा केवल तीन रंगों का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम, हमारी एकता और संप्रभुता का जीवंत प्रतीक है। सेमिनार में आशीष पांडे , मनोज राणा, पवन सिंह,अमित कुमार सहित अनेक विद्यार्थियों ने भी अपना अपना विचार प्रस्तुत किया।



