जब मंच पर छलक पड़े मंत्री सुदिव्य कुमार के आंसू… गिरिडीह बस स्टैंड बना ‘पद्म भूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक’, पहली पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब”
गिरिडीह बस स्टैंड में मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से 'पद्म भूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक' का नामकरण किया गया।

जब मंच पर छलक पड़े मंत्री सुदिव्य कुमार के आंसू… गिरिडीह बस स्टैंड बना ‘पद्म भूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक’, पहली पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब”
गिरिडीह, 4 अगस्त : मनोज कुमार
गिरिडीह : गिरिडीह बस स्टैंड में मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से ‘पद्म भूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक’ का नामकरण किया गया। साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और समर्थक शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार रहे। वहीं उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, उप विकास आयुक्त अस्मिता कुमारी, नगर आयुक्त विजय सिंह बिरुवा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

समारोह में झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह, महासचिव महालाल सोरेन, महापौर प्रमिला मेहरा, उपमहापौर सुमित कुमार, पूर्व विधायक केदार हाजरा, पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी, प्रणव वर्मा, शाहनवाज अंसारी, कृष्ण मुरारी शर्मा समेत बड़ी संख्या में झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन, झारखंड आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों के लिए किए गए उनके संघर्ष को याद किया। सभी ने उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “आज दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि है, लेकिन ऐसा लगता ही नहीं कि वे हमारे बीच नहीं हैं। उनके विचार, संघर्ष और आशीर्वाद आज भी हम सभी के साथ हैं।” इतना कहते-कहते मंत्री भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। मंच पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी खड़े होकर दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूरा बस स्टैंड परिसर “दिशोम गुरु अमर रहें” और “शिबू सोरेन अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु के अधूरे सपनों को पूरा करने और झारखंड के विकास के लिए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।




