जन्माष्टमी की रौनक में तिरंगे का गौरव
जन्माष्टमी महोत्सव की छटा में जब श्रीकृष्ण की मधुर बांसुरी और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों का रस घुला, उसी क्षण महिला चौपाल ने देशभक्ति का रंग भी घोल दिया।

जन्माष्टमी की रौनक में तिरंगे का गौरव
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : जन्माष्टमी महोत्सव की छटा में जब श्रीकृष्ण की मधुर बांसुरी और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों का रस घुला, उसी क्षण महिला चौपाल ने देशभक्ति का रंग भी घोल दिया। रंग-बिरंगे फूलों की सज्जा, दीपमालाओं की जगमगाहट और हाथों में लहराते तिरंगों ने माहौल को अद्वितीय बना दिया।

शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन और भजन-कीर्तन से हुआ। झांकियों में कृष्ण जन्म, माखन चोरी और रासलीला के जीवंत दृश्य देखकर उपस्थित सदस्यगण मंत्रमुग्ध हो गई। बीच-बीच में देशभक्ति गीतों की गूंज ने वातावरण में एक अद्भुत समरसता का संचार किया — मानो भक्ति और देशप्रेम का संगम साक्षात उतर आया हो।
कार्यक्रम में महिला चौपाल की सदस्याओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सभी को भारत की विविधता में एकता का संदेश दिया। सभी ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए यह संकल्प दोहराया कि हम अपने तिरंगे की शान और राष्ट्र की गरिमा को सदैव बनाए रखेंगे।
भक्ति और राष्ट्र भक्ति के अनोखे संगम से सभी के चेहरे प्रसन्नता और गर्व से दमक उठे।
“जब भक्ति की आरती में देशप्रेम की लौ जलती है, तब हर दिल में तिरंगे का रंग और भी गहरा हो जाता है।”
कार्यक्रम मे मुख्य रूप से रूबी गुप्ता, स्वर्णा गुप्ता, मोनिका गुप्ता, तान्या, कविता, मीना गुप्ता, मोनिका बैसखियार, सपना बरनवाल, राखी सहित कई महिलाएं सक्रीय रूप से सम्मिलित रही




