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अब हर महीने होगी बिजली समस्याओं पर सीधी सुनवाई, CMD ने लिया बड़ा फैसला l

झारखंड में उद्योगों को निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।

अब हर महीने होगी बिजली समस्याओं पर सीधी सुनवाई, CMD ने लिया बड़ा फैसला l

कुंवर यादव ब्यूरो रिपोर्ट

रांची : झारखंड में उद्योगों को निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) और झारखंड ऊर्जा विकास निगम (JUVNL) के बीच हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर मुहर लग गई है।

अब राज्य के उद्यमियों को बिजली कटौती और तकनीकी खराबी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, क्योंकि विभाग के CMD के. श्रीनिवासन ने हर महीने की 17 तारीख को चैंबर के साथ सीधी बैठक करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

इंडस्ट्रियल इलाकों के लिए बनेगी ‘क्विक रिएक्शन टीम

बैठक में झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और महासचिव रोहित अग्रवाल ने बिजली आपूर्ति में होने वाली देरी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों में फॉल्ट होने पर उसे तुरंत ठीक करने के लिए एक विशेष ‘क्विक रिएक्शन टीम’ (QRT) गठित की जाए। अक्सर देखा जाता है कि एक छोटे से काम के लिए पूरे सब-स्टेशन की बिजली बंद कर दी जाती है, जिसे व्यापारियों ने अव्यवहारिक बताया। अब विभाग स्थानीय स्तर पर समाधान विकसित करने और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस सिस्टम को मजबूत करने पर काम करेगा।

तुपुदाना और अशोक नगर मॉडल पर विशेष जोर

चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने तुपुदाना सब-स्टेशन के ओवरलोडेड फीडर की समस्या को प्रमुखता से उठाया। मांग की गई कि लंबे फीडरों को छोटा और संतुलित किया जाए ताकि बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन से बचा जा सके। बैठक में अशोक नगर अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना को एक सफल मॉडल मानते हुए, तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र की अधूरी परियोजनाओं को भी जल्द पूरा करने की बात कही गई। साथ ही, बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मर और कंडक्टर की पहचान के लिए डेटा मैपिंग और सर्वे कराने की सलाह भी दी गई है।
विवाद सुलझाने के लिए बनेगी ‘डिस्प्यूट रेड्रेसल कमिटी’

व्यापारियों और विभाग के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए अब ‘डिस्प्यूट रेड्रेसल कमिटी’ का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में झारखंड चैंबर की भी सीधी भागीदारी होगी, जिससे बिजली बिल या अन्य तकनीकी विवादों का निपटारा जल्द हो सकेगा। बैठक में लघु उद्योग भारती, जैसिया, एसिया और CII के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। चैंबर अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि इस नई व्यवस्था से राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी और निर्बाध बिजली का सपना सच होगा।

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