गिरिडीह में जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान का रथ; पूजा-अर्चना, भंडारा और भक्ति के रंग में डूबा पूरा नगर
गिरिडीह: शहर में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की वार्षिक भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई।गिरिडीह शहर में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की वार्षिक भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई।

गिरिडीह में जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान का रथ; पूजा-अर्चना, भंडारा और भक्ति के रंग में डूबा पूरा नगर
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : शहर में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की वार्षिक भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। आईसीआर रोड स्थित पुरातन शिवालय से रथ यात्रा प्रारंभ होने से पहले भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।

पूजा-अर्चना और भंडारे के बाद भगवान श्री जगन्नाथ का सुसज्जित रथ श्रद्धालुओं के बीच रवाना हुआ। “जय श्री जगन्नाथ” के गगनभेदी जयकारों के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और मंदिर परिसर से लेकर रथ मार्ग तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।

रथ यात्रा पुरातन शिवालय से निकलकर तिरंगा चौक, बड़ा चौक, नगर थाना, गद्दी मोहल्ला, कालीबाड़ी, टॉवर चौक, मकतपुर, शिव मोहल्ला और गांधी चौक होते हुए मौसी बड़ी छोटकी काली मंडा पहुंची। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

रथ यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। वहीं जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर अस्थायी रूट डायवर्जन भी किया गया।

मंदिर समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रथ मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रथ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।

मंदिर के पुजारी सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा पूरे धार्मिक रीति-रिवाज एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निकाली गई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने रथ यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बना दिया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।



