गम्भीर बीमारी से जंग लड़ रहे मरीजों के लिए वरदान बना टीम पीएसएफ का एसडीपी रक्तदान अभियान।
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करना हो, या सबसे बड़ा एसडीपी रक्तदान अभियान हो, टीम पीएसएफ ने शहर से लेकर सुदूरवर्ती गांव तक जागरुकता का एक अलख जगाया है।

गम्भीर बीमारी से जंग लड़ रहे मरीजों के लिए वरदान बना टीम पीएसएफ का एसडीपी रक्तदान अभियान।
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर—-
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करना हो, या सबसे बड़ा एसडीपी रक्तदान अभियान हो, टीम पीएसएफ ने शहर से लेकर सुदूरवर्ती गांव तक जागरुकता का एक अलख जगाया है। अस्पतालों में इलाजरत गम्भीर बीमारी से जंग लड़ रहे ऐसे मरीजों के लिए वरदान साबित होता टीम पीएसएफ का एसडीपी रक्तदान अभियान।

ये एसडीपी रक्तदान नियमित रक्तदान से थोड़ा पृथक है। आमतौर पर नियमित रक्तदान में जहां औसतन दस मिनट का समय लगता है. वहीं एसडीपी रक्तदाताओं को औसतन 40 मिनट से एक घंटे तक रक्तदान बेड पर रह कर रक्तदान प्रक्रिया से गुजरना पड़ता। आज के समय कहा जाएं तो ग़लत नहीं होगा कि सबसे विश्वसनीय एवं सुरक्षित रक्तदान प्रक्रिया है सिंगल डोनर प्लेटलेट्स यानी एसडीपी रक्तदान। इस प्रक्रिया में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं का रक्तदान के पूर्व ही सभी जांच से गुजरना पड़ता है।
सभी मानकों से गुजरने के पश्चात ही कोई एसडीपी रक्तदान कर पाता है। रक्तदाताओं के शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा, लम्बाई, वजन एवं अन्य मानकों के जरिए एक स्वास्थ्य रक्तदाता का चयन होता है। ऐसे ही रक्तवीरों एवं एसडीपी रक्तदान के चलते आज कईयों के घरों में फिर से खुशियों के द्विये जल उठते हैं. चाहे केंसर, डेंगू या अन्य गम्भीर बीमारी के लिए जब शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा में औसतन से काफी गिरावट देखा जाता है तो यही एसडीपी रक्त जीवनदाई बन जाता है।
आज इस कड़ी में 6 एसडीपी रक्तदान जिसमें वरुण नन्दी, रवि शंकर पात्रों, शुभेंदु मुखर्जी, धीरज कुमार, सुब्रतो रॉय, कुमारेस हाजरा के जरिए टीम पीएसएफ का 1871 वां एसडीपी हुआ पुरा। टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार ने एक संकल्प के तहत एक राज्य से दूसरे राज्य तक एसडीपी रक्तवीरों का फौज तैयार करने में जुटा है।
बही रक्तदान करने के पश्चात सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जमशेदपुर ब्लड सेंटर के जीएम संजय चौधरी, डाॅक्टर लव बहादुर सिंह, डाॅक्टर पुष्पा तिवारी, डॉक्टर निर्जला झा, तकनीशियन सुबीर बनर्जी, टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार, एवं उत्तम कुमार गोराई. उपस्थित रहे।




