कौशल विकास केंद्र में गड़बड़ी पर भड़के विधायक संजीव सरदार। केंद्र प्रभारी को लगाई फटकार*
पोटका विधायक संजीव सरदार के द्वारा गुरुवार को पोटका प्रखंड क्षेत्र के हाता-हल्दीपोखर के बीच में स्थित मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत संचालित दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया।

कौशल विकास केंद्र में गड़बड़ी पर भड़के विधायक संजीव सरदार। केंद्र प्रभारी को लगाई फटकार*
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर/ पोटका
पोटका विधायक संजीव सरदार के द्वारा गुरुवार को पोटका प्रखंड क्षेत्र के हाता-हल्दीपोखर के बीच में स्थित मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत संचालित दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालन में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं, जिन पर विधायक ने तत्काल सुधार का निर्देश दिया।

विधायक संजीव सरदार ने सर्वप्रथम केंद्र में नर्सिंग, सिलाई-कढ़ाई और कंप्यूटर प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं से आवासीय सुविधा और भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। जीसके बाद उन्होंने उपस्थिति पंजिका की जांच कर छात्रों की वास्तविक उपस्थिति का मिलान किया, जिसमें भारी विसंगति पाई गई।किचन निरीक्षण के दौरान गंदगी और भोजन में तय मेन्यू का पालन नहीं होने पर विधायक ने केंद्र के इंचार्ज शुभम राज को जमकर फटकार लगाई।
गुरुवार के मेन्यू के अनुसार छात्रों को नाश्ते में पोहा और चना की सब्जी तथा दोपहर में चावल, दाल, पनीर, चटनी, पापड़ और अचार दिया जाना था, लेकिन छात्रों को सुबह मुड़ी (मुरमुरा) और दोपहर में केवल भात, दाल, आलू भुजिया और पापड़ परोसा गया।विधायक संजीव सरदार ने छात्रावास का भी निरीक्षण किया, जहां एक भी छात्र उपस्थित नहीं था,

जबकि केंद्र संचालक द्वारा 50-60 छात्रों के उपस्थित रहने का दावा किया गया। इस पर विधायक ने नाराजगी जताई और जिला कौशल विकास पदाधिकारी अजय कुमार को फोन के माध्यम से दो दिनों के अंदर केंद्र का पूरा डाटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के बाद विधायक संजीव सरदार ने कहा कि उन्हें लगातार छात्रों द्वारा केंद्र की अनियमितताओं को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जो आज सही साबित हुई हैं।
उन्होंने कहा, “केंद्र में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति बहुत कम है, जबकि पंजिका में गलत विवरण दर्ज किए गए हैं। साथ ही, छात्रों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी ताकि जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ छात्रों तक सही तरीके से पहुंच सके।”




