JPSC पेपर लीक विवाद संसद तक पहुंचा: झारखंड BJP सांसदों का जोरदार प्रदर्शन, CBI जांच की मांग; कांग्रेस पर लगाए दोहरे रवैये के आरोप
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

JPSC पेपर लीक विवाद संसद तक पहुंचा: झारखंड BJP सांसदों का जोरदार प्रदर्शन, CBI जांच की मांग; कांग्रेस पर लगाए दोहरे रवैये के आरोप
नई दिल्ली/रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। शुक्रवार को झारखंड के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन कर पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने झारखंड सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
संसद परिसर में CBI जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन
भाजपा सांसदों ने कहा कि JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए पूरे मामले की CBI जांच कराई जानी चाहिए। सांसदों ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार पर्याप्त जवाबदेही नहीं दिखा रही है।
कांग्रेस के रुख पर BJP ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि विपक्ष राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर मुखर रहता है, लेकिन झारखंड में उठ रहे छात्रों के सवालों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दे रही है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मामलों में अलग-अलग राज्यों के लिए अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी ऐसी कंपनियों को दी गई, जिन पर पहले से सवाल उठ चुके हैं। उनके अनुसार, इससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले पर जवाब देने और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
मुख्यमंत्री से जवाबदेही की मांग, छात्रों के आंदोलन का भी किया जिक्र
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि राज्य के हजारों-लाखों युवा पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने और छात्रों के विश्वास को बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
संजय सेठ बोले- युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला
भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि JPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ मामलों की जानकारी पहले भी प्रशासन को उपलब्ध कराई गई थी।
निशिकांत दुबे ने भी उठाए जांच पर सवाल
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि मामले की जांच CID द्वारा की जा रही है और JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोग के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी पहलुओं की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच और आंदोलन दोनों जारी
JPSC परीक्षा विवाद को लेकर जहां एक ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां कथित अनियमितताओं की जांच में जुटी हुई हैं। इस बीच छात्र संगठन लगातार निष्पक्ष जांच, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।



