BMSK Internship: एएन कॉलेज के 42 भूगोल छात्रों को मिला प्रमाणपत्र, मौसम विज्ञान की तकनीकी बारीकियों से हुए रूबरू
बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव (ACS) एवं बिहार मौसम सेवा केंद्र (BMSK) की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एन. विजयलक्ष्मी (IAS) ने ए.एन. कॉलेज, पटना के भूगोल (ऑनर्स) के स्नातक विद्यार्थियों के लिए आयोजित दो सप्ताह के इंटर्नशिप कार्यक्रम के समापन समारोह में हिस्सा लिया।

BMSK Internship: एएन कॉलेज के 42 भूगोल छात्रों को मिला प्रमाणपत्र, मौसम विज्ञान की तकनीकी बारीकियों से हुए रूबरू
पटना : बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव (ACS) एवं बिहार मौसम सेवा केंद्र (BMSK) की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एन. विजयलक्ष्मी (IAS) ने ए.एन. कॉलेज, पटना के भूगोल (ऑनर्स) के स्नातक विद्यार्थियों के लिए आयोजित दो सप्ताह के इंटर्नशिप कार्यक्रम के समापन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने वाले 42 छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए और उन्हें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण समय, भाषाओं और लेखन कौशल पर जोर
समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन का यह दौर बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ अलग-अलग भाषाओं को सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में किसी भी विषय पर संक्षिप्त और विस्तृत निबंध लिखने के साथ-साथ उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता भी विकसित होनी चाहिए।
उन्होंने छात्रों को अपने ज्ञान और संचार कौशल को लगातार बेहतर बनाने की सलाह दी, ताकि भविष्य में वे अपने विषय से जुड़े जटिल मुद्दों को समझने के साथ-साथ उन्हें प्रभावी तरीके से दूसरों के सामने प्रस्तुत कर सकें।

16 सितंबर से शुरू हुआ था दो सप्ताह का इंटर्नशिप कार्यक्रम
बिहार मौसम सेवा केंद्र (BMSK) की ओर से 16 सितंबर से ए.एन. कॉलेज, पटना के भूगोल (ऑनर्स) के स्नातक विद्यार्थियों के लिए दो सप्ताह का विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान विद्यार्थियों को मौसम और मौसम संबंधी आपदाओं के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
BMSK के वैज्ञानिकों ने इंटर्नशिप के दौरान छात्र-छात्राओं को मौसम संबंधी आपदाओं की निगरानी, मौसम पूर्वानुमान, पूर्व चेतावनी प्रणाली, रिमोट सेंसिंग, GIS और जल-विज्ञान सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी दी।

मौसम आपदा प्रबंधन से लेकर GIS तक मिली तकनीकी जानकारी
इंटर्नशिप का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय मौसम और भौगोलिक डेटा से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने मौसम संबंधी आंकड़ों को समझने, उनकी निगरानी और विश्लेषण से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी हासिल की।
रिमोट सेंसिंग और GIS जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ जल-विज्ञान तथा मौसम आपदाओं की पूर्व चेतावनी प्रणाली को समझने का अवसर भी विद्यार्थियों को मिला। इससे भूगोल विषय के विद्यार्थियों को अपने अकादमिक अध्ययन को वास्तविक परिस्थितियों और तकनीकी कार्यप्रणाली से जोड़ने में मदद मिली।

BMSK निदेशक ने बताई इंटर्नशिप की पूरी कार्यप्रणाली
समारोह के दौरान बिहार मौसम सेवा केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एन. प्रभु ने अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी को इंटर्नशिप कार्यक्रम के उद्देश्यों और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को किन-किन तकनीकी और व्यावहारिक विषयों से अवगत कराया गया।
डॉ. सी.एन. प्रभु ने इंटर्नशिप के दौरान छात्रों द्वारा हासिल किए गए तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव की भी जानकारी साझा की। उन्होंने कार्यक्रम में अपना महत्वपूर्ण समय देने और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के लिए डॉ. एन. विजयलक्ष्मी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
समापन समारोह में मौजूद रहे कॉलेज और BMSK के अधिकारी
इंटर्नशिप के समापन अवसर पर ए.एन. कॉलेज, पटना के भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष के साथ बिहार मौसम सेवा केंद्र (BMSK) के वैज्ञानिक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और उनके इंटर्नशिप अनुभव को साझा किया गया।
दो सप्ताह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मौसम विज्ञान, भौगोलिक डेटा और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं को करीब से समझने के इस अवसर को उपयोगी बताया।
छात्रों ने BMSK के प्रति जताया आभार
इंटर्नशिप पूरी होने के बाद विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान मिले व्यावहारिक अनुभव को लेकर संतुष्टि व्यक्त की। छात्रों के अनुसार, इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें मौसम एवं भौगोलिक डेटा से संबंधित कई ऐसे तकनीकी पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला, जो उनके शैक्षणिक अध्ययन को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मददगार साबित हुआ।
छात्र-छात्राओं ने इस अवसर के लिए बिहार मौसम सेवा केंद्र का आभार जताया और कहा कि इंटर्नशिप के दौरान प्राप्त जानकारी उनके आगे के अध्ययन और करियर में उपयोगी साबित हो सकती है।



