हर-हर महादेव से गूंजा उसरी तट, दुःखहरणनाथ धाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब
सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर गिरिडीह के तरहरी स्थित प्राचीन बाबा दुःखहरणनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

हर-हर महादेव से गूंजा उसरी तट, दुःखहरणनाथ धाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर गिरिडीह के तरहरी स्थित प्राचीन बाबा दुःखहरणनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से पट गया और दिन चढ़ने के साथ भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती गई। उत्तरवाहिनी उसरी नदी के तट पर स्थित धाम में चारों ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंजते रहे।

सुबह करीब पांच बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में भक्त गंगाजल और उत्तरवाहिनी उसरी नदी का पवित्र जल लेकर बाबा के दरबार पहुंचे और विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। कांवर लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी बाबा को जल अर्पित किया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भी पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

मंदिर में सुबह से लेकर दिनभर जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। मंदिर की घंटियों की गूंज, भक्ति गीतों और शिवभक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। उत्तरवाहिनी उसरी नदी के किनारे उमड़ी भीड़ और श्रद्धालुओं की भक्ति ने धाम का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और पुजारियों की ओर से दर्शन एवं जलाभिषेक को लेकर विशेष व्यवस्था की गई। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती के साथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी गई।

आस्था के साथ सेवा और व्यवस्था भी दिखी। भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन और जलाभिषेक करते नजर आए। स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा में सहयोग किया। पूरे दिन बाबा के दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा।
सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा दुःखहरणनाथ धाम में आस्था का ऐसा नजारा देखने को मिला, जहां उसरी की लहरों के बीच शिवभक्ति का सैलाब और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।



