सावन की तीसरी सोमवारी पर दुःखहरणनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा उसरी तट
सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के पावन संयोग पर गिरिडीह के तरहरी स्थित प्राचीन बाबा दुःखहरणनाथ धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

सावन की तीसरी सोमवारी पर दुःखहरणनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा उसरी तट
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के पावन संयोग पर गिरिडीह के तरहरी स्थित प्राचीन बाबा दुःखहरणनाथ धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भोर होते ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरने लगा और देखते ही देखते बाबा के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तरवाहिनी उसरी नदी के तट पर स्थित धाम में चारों ओर सिर्फ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष सुनाई दे रहे थे।

सुबह करीब पांच बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में भक्त गंगाजल और उत्तरवाहिनी उसरी नदी का पवित्र जल लेकर बाबा के दरबार पहुंचे और विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालुओं ने कांवर लेकर बाबा को जल अर्पित किया, जबकि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भी पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा गया।

नाग पंचमी और सोमवारी के संयोग ने बढ़ाई आस्था सावन की सोमवारी और नाग पंचमी एक साथ पड़ने से इस बार धाम में धार्मिक उत्साह और भी बढ़ गया। मान्यता के अनुसार भगवान शिव को जल अर्पित करने और नाग देवता की पूजा करने से श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दुःखहरणनाथ धाम पहुंचे।

घंटियों की गूंज के बीच चलता रहा जलाभिषेक मंदिर में सुबह से लेकर दिनभर जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। मंदिर की घंटियों की आवाज, भक्ति गीतों और शिवभक्तों के जयकारों ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। उत्तरवाहिनी उसरी नदी के किनारे का दृश्य ऐसा था, मानो पूरा क्षेत्र भगवान भोलेनाथ की भक्ति में रम गया हो।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और पुजारियों की ओर से दर्शन एवं जलाभिषेक को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती के साथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी रखी गई।

आस्था के साथ दिखी सेवा और व्यवस्था की तस्वीर भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन और जलाभिषेक करते नजर आए। स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा में सहयोग किया। पूरे दिन धाम में भक्तों का तांता लगा रहा।
सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के इस पावन अवसर पर बाबा दुःखहरणनाथ धाम ने एक बार फिर अपनी धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा की ऐसी तस्वीर पेश की, जहां उसरी की लहरों के बीच शिवभक्ति का सैलाब और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।




