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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हजारीबाग जिला के बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त रूप से 05 डेज बैंकिंग (सप्ताह में 5 कार्यदिवस) की मांग को लेकर एक दिवसीय/आहूत बैंक हड़ताल पर हैं।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हजारीबाग जिला के बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त रूप से 05 डेज बैंकिंग (सप्ताह में 5 कार्यदिवस) की मांग को लेकर एक दिवसीय/आहूत बैंक हड़ताल पर हैं।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हजारीबाग जिला के बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त रूप से 05 डेज बैंकिंग (सप्ताह में 5 कार्यदिवस) की मांग को लेकर एक दिवसीय/आहूत बैंक हड़ताल पर हैं।

हजारीबाग : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हजारीबाग जिला के बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त रूप से 05 डेज बैंकिंग (सप्ताह में 5 कार्यदिवस) की मांग को लेकर एक दिवसीय/आहूत बैंक हड़ताल पर हैं। इस निमित शहर के प्रमुख चौक चौराहों से होते हुवे एक रैली निकाली गई जिसमें जिले के सरकारी बैंकों से लगभग 400-500 के बीच कर्मचारियों ने भाग लिया तथा 05 दिवसीय बैंकिंग की अपनी प्रमुख मांग को प्रमुखता से रखा।

डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन लेन-देन एवं तकनीकी विकास के कारण बैंकों में कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव आया है, इसके बावजूद बैंक कर्मचारियों पर कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है। अन्य केंद्रीय सरकारी विभागों , आरबीआई, GIC, LIC, स्टॉक एक्सचेंज एवं अनेक संस्थानों में जहां पहले से ही 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू है, वहीं बैंक कर्मचारी आज भी सप्ताह में 6 दिन कार्य करने को बाध्य हैं।

बैंक कर्मचारियों की यह प्रमुख मांग है कि कार्य–जीवन संतुलन (Work-Life Balance) सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 05 डेज बैंकिंग तत्काल लागू की जाए।

आज की हड़ताल में बैंक कर्मचारियों की व्यापक एवं एकजुट भागीदारी देखने को मिल रही है। हम सरकार, वित्त मंत्रालय, DFS एवं IBA से अपील करते हैं कि वे बैंक कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लें।

हड़ताल क्यों कर रहे हैं कर्मचारी?

बैंक यूनियनों और सरकार के बीच विवाद की मुख्य जड़ शनिवार की छुट्टी है। बैंक कर्मचारी काफी समय से ‘5-डे वर्क वीक’ (हफ्ते में केवल 5 दिन काम) को लागू करने की मांग कर रहे हैं। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी थी।
लेकिन समझौते के बावजूद अभी तक इसका सरकारी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। 5-डे वर्किंग के लिए यूनियनों का तर्क है कि हम एक संतुलित कार्यप्रणाली मांग रहे हैं। हम इसके बदले हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं।
वर्तमान में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंक बंद रहते हैं। यूनियन चाहती है कि सरकार अब इसकी आधिकारिक अधिसूचना तुरंत जारी करे।

यदि हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

हड़ताल को सफल बनाने में बैंक ऑफ इंडिया से अमर कुमार, मनीष बरनवाल, बिंदेश्वर प्रसाद, शिव कुमार यादव, राजेश कुमार ,SBI के अधिकारी संघ के संगठन सचिव बीरेंद्र कुमार मुंडा, कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव श्री पवन कुमार सिन्हा, केनरा बैंक के श्री शशि कुमार बागे, इंडियन बैंक से श्री संतोष कुमार पाण्डेय जी साथ ही अन्य सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारियों उपस्थित रहे ।

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