Breaking Newsझारखण्डटेक्नोलॉजीताजा खबरदुनियादेशलाइफस्टाइललाइव न्यूज़

गिरिडीह में जाति आधारित जनगणना समेत विभिन्न मांगों को लेकर तीसरे चरण का आंदोलन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार 23 मार्च 2026 को गिरिडीह जिला मुख्यालय में भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बैनर तले तीसरे चरण का रैली प्रदर्शन आयोजित किया गया।

गिरिडीह में जाति आधारित जनगणना समेत विभिन्न मांगों को लेकर तीसरे चरण का आंदोलन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

गिरिडीह : मनोज कुमार

गिरिडीह : राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार 23 मार्च 2026 को गिरिडीह जिला मुख्यालय में भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बैनर तले तीसरे चरण का रैली प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आंदोलन जाति आधारित जनगणना, ओबीसी अधिकारों, सख्त यूजीसी रेगुलेशन लागू करने तथा 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट से मुक्त करने जैसी मांगों को लेकर किया गया।

यह रैली भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पटवा के नेतृत्व में निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कैबिनेट द्वारा 2027 की जनगणना में जाति आधारित गणना की स्वीकृति दिए जाने के बावजूद हालिया अधिसूचना में ओबीसी से संबंधित कॉलम शामिल नहीं किया गया है,

जो पिछड़े वर्गों के साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने मांग की कि आगामी जनगणना में ओबीसी और अन्य जातियों का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति और जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आ सके।
वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के 78 वर्ष और संविधान लागू होने के 75 वर्ष बाद भी पिछड़े वर्गों को न्याय नहीं मिल पाया है। उनका कहना था कि बिना सटीक आंकड़ों के आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।

इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव को गंभीर समस्या बताते हुए सख्त यूजीसी रेगुलेशन लागू करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कमजोर कानून लाकर और न्यायालय में प्रभावी पैरवी न करने के कारण एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है।

रैली में 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से मुक्त करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों को केवल टेट पास न होने के आधार पर सेवा से हटाना अन्यायपूर्ण है।

कार्यक्रम में बहुजन मुक्ति पार्टी के उत्तरी प्रमंडल प्रभारी भीखी राम पासवान, जिला अध्यक्ष जयनारायण दास, संतोष प्रसाद यादव, रामदेव रविदास, प्रकाश दास, अरविंद नागवंशी, राजेश दास, दिनेश तुरी, बजरंगी दास, शक्ति पासवान, खुबलाल साव, बलदेव दास, पंकज पासवान, सचिन कुमार, ललन कुमार, मुख्तार अंसारी, मंसूर अंसारी, राजेंद्र रजक, रामचंद्र दास, सतीश कुमार, मोहन दास, इंद्रजीत कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।

रैली के बाद आंदोलनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम गिरिडीह उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 23 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button