Breaking Newsझारखण्डटेक्नोलॉजीताजा खबरदुनियादेशलाइफस्टाइललाइव न्यूज़

मां रंकनी मन्दिर परिसर में सौंदर्य करन एवं पर्यटन विकास कार्य को लेकर विधायक के पुतला दहन करने पर सरदार मुंड़ा स्वशासन व्यवस्था ने कड़ी आपत्ति जताई।

पोटका प्रखंड क्षेत्र की मां रंकिणी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य को लेकर चल रहे विवाद तथा पोटका विधायक संजीव सरदार का पुतला दहन किए जाने पर सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था ने कड़ी आपत्ति जताई है।

मां रंकनी मन्दिर परिसर में सौंदर्य करन एवं पर्यटन विकास कार्य को लेकर विधायक के पुतला दहन करने पर सरदार मुंड़ा स्वशासन व्यवस्था ने कड़ी आपत्ति जताई।

अभिजीत सेन।

जमशेदपुर/ पोटका

पोटका प्रखंड क्षेत्र की मां रंकिणी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य को लेकर चल रहे विवाद तथा पोटका विधायक संजीव सरदार का पुतला दहन किए जाने पर सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था ने कड़ी आपत्ति जताई है। रंकिणी थान स्थित गिनती ओड़ा में  सामाजिक बैठक उपरांत गादी पुड़सी सरदार रथू सिंह सरदार ने प्रेसवार्ता में कहा कि  भूमिज समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था सोहदा गादी के अंतर्गत आने वाले प्राचीन रंकिणी थान में वर्षों से विकास कार्य होते रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व विधायक संजीव सरदार के प्रयास से झारखंड सरकार के वन विभाग द्वारा लगभग 19 करोड रुपये की लागत से मंदिर परिसर के सोंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास की योजना शुरू की गई थी।

कार्य प्रारंभ होने के बाद दो वर्षों तक किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था।रथु सिंह सरदार ने कहा कि वर्तमान में ग्रामसभा की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है जबकि 19 मई 2024 को बड़ा झरना हिल में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित हुई थी, जिसमें स्थानीय मुखिया सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। 26 मई 2024 को भी रोहिणीबेडा मौजा में ग्राम प्रधान गिरोश सरदार की अध्यक्षता में ग्रामसभा हुई थी, जिसका उल्लेख ग्रामसभा पंजी में दर्ज है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र के आदिवासी समुदाय वर्षों से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं और आज भी सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम है।

रंकिणी थान के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य के रंकिणी थान मे सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य के लिये कोंदा भूमिज, पिता- रीदा भूमिज ने अपनी रैयती जमीन मौजा- रोहिणीबेडा, थाना-1336, खाता नंबर-57, प्लॉट नंबर- 94, रकवा-1.0 डी, मोहन भूमिज, पिता- मुचिया भूमिज, खाता नंबर- 88 एवं 89, प्लॉट नंबर- 92 एवं 93, रकवा- 36.0 डी. दान में दिये है, जहां फ्लाई ओवर, गार्डवाल, सीढी, गिती: ओडा हरि मंदिर का निर्माण किया गया है. इसी भुमि पर फ्लाईओवर, गार्डवाल, सीढी, गिती ओडा तथा हरि मंदिर का निर्माण वन विभाग द्वारा कराया गया है।

गादी पुड़सी सरदार ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दिलाने में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक संजीव सरदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, परंतु सरकार के विपक्ष से जुड़े कुछ बाहरी लोग राजनीतिक षड्यंत्र के तहत रंकिणी थान के विकास कार्य को विवाद का रूप देकर विधायक का पुतला दहन कर रहे हैं। सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था इसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को योजना को लेकर आपत्ति ंथी तो संबंधित विभाग से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए थी, न कि विकास कार्य में बाधा उत्पन्न करनी चाहिए थी।रथु सिंह सरदार ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व दो आदिवासी समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं ,लेकिन उनकी मंशा कभी सफल नहीं होगी। समाज के लोग एकजुट हैं और किसी भी कीमत पर सामाजिक सौहार्द बिगड़ने नहीं देंगे।

उन्होने बताया कि इस पुरे मामले को लेकर सरदार मुड़ा स्वशासन व्यवस्था का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही माझी परगना महाल से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल पूरे मामले की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएगा तथा समाज में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों की जानकारी भी देगा। इसके बाद संयुक्त रूप से उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम एवं झारखंड के मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर सिद्धेश्वर सरदार, हरिश सिंह भूमिज,करमू सरदार, मनोरंजन सिंह, हिमांशु सरदार,निमाई सरदार,सुराज सरदार, लखीराम सरदार, बीर सिंह सरदार, संजय सरदार, सागर सरदार अमल सरदार,बिरेश सरदार, रबींद्र सरदार,गौरी सरदार,बासंती सरदार, हेमंत सरदार, सुदर्शन भूमिज व सुंदर सिंह,भाकुटसिंह सरदार उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button