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बिहार में अब घर बैठे मिलेंगी 10 बड़ी शहरी सेवाएं! CM सम्राट चौधरी ने लॉन्च किया UPYOG पोर्टल, 264 नगर निकायों को मिलेगा फायदा

बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब नगर निगम और नगर निकायों से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी कम होने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के तहत विकसित UPYOG पोर्टल का शुभारंभ कर दिया है।

बिहार में अब घर बैठे मिलेंगी 10 बड़ी शहरी सेवाएं! CM सम्राट चौधरी ने लॉन्च किया UPYOG पोर्टल, 264 नगर निकायों को मिलेगा फायदा

Bihar UPYOG Portal Launch: बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब नगर निगम और नगर निकायों से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी कम होने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के तहत विकसित UPYOG पोर्टल का शुभारंभ कर दिया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों को शहरी सेवाएं ऑनलाइन, पारदर्शी और आसान तरीके से उपलब्ध कराने की तैयारी है। पहले चरण में 10 महत्वपूर्ण सेवाओं को शुरू किया गया है। इस पहल का लाभ बिहार के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘संकल्प’ सभागार से किया UPYOG पोर्टल का शुभारंभ

पटना में 31 अक्टूबर 2026 को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने UPYOG पोर्टल की शुरुआत की। यह पोर्टल राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (National Urban Digital Mission) के अंतर्गत विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की शहरी प्रशासनिक व्यवस्था को डिजिटल बनाना और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना अनावश्यक परेशानी के उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में पोर्टल की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए एक लघु फिल्म दिखाई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री के सामने इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव ने पोर्टल की सुविधाओं, उपयोग और इसके जरिए होने वाले बदलावों की विस्तृत जानकारी दी।

सरकार का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से शहरी सेवाओं के लिए आवेदन करने, उनकी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने और प्रमाणपत्र हासिल करने में लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।

पहले चरण में शुरू हुईं 10 ऑनलाइन सेवाएं, 19 मॉड्यूल पर हो रहा काम

UPYOG पोर्टल को कुल 19 मॉड्यूल के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इसके पहले चरण में 10 मॉड्यूल की शुरुआत की गई है। इन सेवाओं के जरिए नगर निकायों के प्रशासनिक कामकाज से लेकर नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों तक को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल की गई है।

शुरुआती चरण में शामिल प्रमुख सेवाएं इस प्रकार हैं:

1. विज्ञापन प्रबंधन (Advertisement Management)

2. ट्रेड लाइसेंस (Trade License)

3. जल एवं सीवरेज कनेक्शन प्रबंधन (Water and Sewerage Connection Management)

4. परिसंपत्ति प्रबंधन (Asset Management)

5. वाहन बेड़ा प्रबंधन (Fleet Management)

6. नगरपालिका लेखा एवं वित्त प्रबंधन (Municipal Accounting and Financial Management)

7. भवन नक्शा स्वीकृति (Building Plan Approval)

8. विधि मॉड्यूल (Legal Module)

9. सामग्री प्रबंधन (Material Management)

10. शिकायत निवारण मॉड्यूल (Grievance Redressal)

इन सुविधाओं के माध्यम से नागरिक विभिन्न शहरी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। साथ ही डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। खास बात यह है कि भवन निर्माण के नक्शे की स्वीकृति से जुड़ी आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी।

264 नगर निकायों को मिलेगा एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म

बिहार सरकार की इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राज्य के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। इससे अलग-अलग नगर निकायों में सेवाओं के संचालन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को एक समान डिजिटल व्यवस्था के तहत लाने में मदद मिलेगी।

अब तक शहरी सेवाओं से जुड़े कई कार्यों के लिए नागरिकों को संबंधित नगर निकाय कार्यालयों में जाना पड़ता था। आवेदन जमा करने, दस्तावेजों की जानकारी लेने और स्वीकृति प्राप्त करने के लिए भी कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे।

UPYOG पोर्टल लागू होने से इन प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने में मदद मिलेगी। इससे समय की बचत होगी, प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता आएगी और नागरिकों को अपनी जरूरत के अनुसार डिजिटल माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

बिहार में 8.5 एकड़ जमीन पर बनेगी आवासीय परियोजना, NBCC के साथ हुआ समझौता

UPYOG पोर्टल के शुभारंभ के साथ ही कार्यक्रम में बिहार के शहरी विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों का भी हस्तांतरण किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में नगर विकास एवं आवास विभाग और नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (NBCC) के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) का हस्तांतरण हुआ।

पहली परियोजना के तहत पटना में टी.वी. टावर के नजदीक बिहार राज्य आवास बोर्ड के सेक्टर-5 में स्थित करीब 8.5 एकड़ जमीन पर आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। इस परियोजना को वित्तपोषित आवासीय परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

इससे राजधानी पटना में आवासीय सुविधाओं के विस्तार और शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

गर्दनीबाग में विकसित होगा अत्याधुनिक IT हब, टेक पार्क को लेकर भी तैयारी

पटना के गर्दनीबाग इलाके में अत्याधुनिक आईटी हब और टेक पार्क विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग और NBCC के बीच समझौता ज्ञापन का हस्तांतरण किया गया।

इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीकी आधारभूत संरचना तैयार करना और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है। गर्दनीबाग में प्रस्तावित टेक पार्क के विकसित होने से राज्य में आईटी क्षेत्र के विस्तार और निवेश की संभावनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सरकार इन परियोजनाओं के जरिए बिहार को आधुनिक शहरी सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना चाहती है।

जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन बनेंगे नए टावर

कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग और NBCC के बीच भी एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इसके तहत विभाग के निरीक्षण भवनों (Inspection Buildings) को नए टावर के रूप में विकसित करने की योजना है।

इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा सरकारी संपत्तियों का बेहतर उपयोग करते हुए उन्हें आधुनिक स्वरूप प्रदान करना है। इसके माध्यम से आधारभूत संरचना के विकास के साथ सरकार के लिए राजस्व सृजन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

आवासीय परियोजना, गर्दनीबाग टेक पार्क और निरीक्षण भवनों के पुनर्विकास जैसी योजनाओं को बिहार के शहरी विकास की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री बोले- बिहार के लिए महत्वपूर्ण दिन, डिजिटल तकनीक से बदलेगी व्यवस्था

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज बिहार के लिए महत्वपूर्ण दिन है। UPYOG पोर्टल की शुरुआत और बिहार सरकार तथा NBCC के बीच हुए समझौते राज्य में शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना के विस्तार को नई गति देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि UPYOG पोर्टल नगर विकास एवं आवास विभाग की कार्यप्रणाली को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके जरिए नागरिकों को शहरी सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी और सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में पोर्टल के 10 मॉड्यूल शुरू किए गए हैं। इनमें भवन निर्माण के नक्शे की स्वीकृति, वाहनों का प्रबंधन और अन्य नगर निकाय सेवाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने से लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सकता है। इससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।

शहरी विकास के साथ निवेश और सरकारी राजस्व बढ़ाने पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने NBCC के साथ हुए समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में शहरी आधारभूत संरचना को आधुनिक स्वरूप देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। पटना में आवासीय परियोजना, गर्दनीबाग में अत्याधुनिक आईटी हब और जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवनों का नए टावर के रूप में विकास इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और सरकार के राजस्व में वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल तकनीक और आधुनिक आधारभूत संरचना को बिहार के शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके समन्वय से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और विकास की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

UPYOG पोर्टल के शुभारंभ और NBCC के साथ हुए समझौता कार्यक्रम में बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव मौजूद रहे।

इसके अलावा नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडुकलकट्टी, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह और बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक निलेश रामचन्द्र देवड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और NBCC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न नगर निकायों के महापौर, पार्षद, नगर आयुक्त और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े।

बिहार के शहरी प्रशासन में कितना बड़ा बदलाव लाएगा UPYOG पोर्टल?

UPYOG पोर्टल की शुरुआत को बिहार में शहरी सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। पहले चरण में 10 मॉड्यूल शुरू होने के बाद आने वाले समय में बाकी मॉड्यूल भी विकसित किए जाने हैं। इसका उद्देश्य नगर निकायों की अलग-अलग सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।

अगर यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो भवन नक्शा पास कराने, ट्रेड लाइसेंस लेने, जल एवं सीवरेज कनेक्शन से जुड़ी सेवाओं और शिकायतों के समाधान जैसी प्रक्रियाओं में नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है।

अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि राज्य के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों में इस पोर्टल का संचालन किस तरह होता है और आम नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ कितनी आसानी से मिल पाता है। बिहार सरकार की यह पहल शहरी प्रशासन को डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।

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