पटना में जनशिकायतों पर बड़ा फैसला, हर शिकायत का होगा संज्ञान और समाधान की होगी निगरानी; मंत्री नीतीश मिश्रा ने दिए ये निर्देश
बिहार में शहरी क्षेत्रों से जुड़ी जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग नई और प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

पटना में जनशिकायतों पर बड़ा फैसला, हर शिकायत का होगा संज्ञान और समाधान की होगी निगरानी; मंत्री नीतीश मिश्रा ने दिए ये निर्देश
Patna News: बिहार में शहरी क्षेत्रों से जुड़ी जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग नई और प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। सोमवार, 7 सितंबर 2026 को विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने आम नागरिकों की शिकायतों को आसानी से विभाग तक पहुंचाने और उनके समयबद्ध समाधान के लिए तकनीक आधारित प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने इस दौरान स्पष्ट कहा कि “हर शिकायत का होगा संज्ञान, हर समाधान की होगी निगरानी।” उन्होंने अधिकारियों से ऐसी व्यवस्था विकसित करने को कहा, जिसमें शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सके और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी स्पष्ट रहे।

सफाई, जलजमाव और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याओं पर रहेगा फोकस
समीक्षा बैठक में आम लोगों से जुड़ी उन समस्याओं पर विशेष चर्चा हुई, जिनका सामना शहरी क्षेत्रों में अक्सर करना पड़ता है। इनमें सफाई, स्वच्छता, जलजमाव, कचरा प्रबंधन और नगर निकायों से संबंधित अन्य नागरिक सेवाएं प्रमुख हैं।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने निर्देश दिया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए ऐसा तकनीकी सिस्टम तैयार किया जाए, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी शिकायत को आसानी से संबंधित विभाग तक पहुंचा सकें। शिकायत मिलने के बाद उस पर त्वरित कार्रवाई हो और निर्धारित समय के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
शिकायत दर्ज होने से समाधान तक होगी मॉनिटरिंग
नगर विकास एवं आवास विभाग की प्रस्तावित व्यवस्था में केवल शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसके बाद की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने पर जोर दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके निपटारे तक हर स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसके साथ ही प्रभावी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि शिकायतें लंबित न रहें और नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।
उन्होंने जनशिकायतों के समाधान के लिए उच्चस्तरीय सुपरविजन की व्यवस्था विकसित करने का भी निर्देश दिया।

बार-बार आने वाली शिकायतों का स्थायी समाधान खोजने पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को केवल शिकायतों का तत्काल समाधान करने तक सीमित नहीं रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतों के स्वरूप और उनके निपटारे में लगने वाले समय का नियमित विश्लेषण किया जाए।
इसके अलावा ऐसी समस्याओं की पहचान की जाए, जो बार-बार सामने आती हैं। इन समस्याओं के पीछे के कारणों का अध्ययन कर उनके स्थायी और व्यावहारिक समाधान पर भी काम करने की जरूरत बताई गई।
इससे विभाग को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी खास इलाके या नगर निकाय में एक ही तरह की शिकायतें बार-बार क्यों सामने आ रही हैं और उन्हें जड़ से खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित व्यवस्था
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विजन जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और लोगों तक बेहतर सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसी सोच के अनुरूप नगर विकास एवं आवास विभाग जनशिकायतों के निपटारे को अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी समस्या बताने के लिए जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़े और विभाग तक शिकायत पहुंचने के बाद उसकी प्रगति को भी प्रभावी ढंग से मॉनिटर किया जा सके, इस दिशा में व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए।
नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के लिए होगी विशेष कार्यशाला
बैठक के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने राज्य के सभी नगर निकायों के नगर कार्यपालक पदाधिकारियों (EOs) के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश भी दिया।
इस कार्यशाला में नगर निकायों के कामकाज और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को अधिक प्रभावी तरीके से तैयार करना होगा।
अधिकारियों के साथ होगी Solution-Oriented Exercises
मंत्री ने निर्देश दिया कि कार्यशाला में केवल योजनाओं और प्रक्रियाओं पर चर्चा न हो, बल्कि नगर निकायों के सामने आने वाले वास्तविक और प्रासंगिक मुद्दों की पहचान की जाए।
इसके बाद नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के साथ Solution-Oriented Exercises कराई जाएंगी। इन अभ्यासों में किसी समस्या की पहचान करने, उसके मूल कारणों का विश्लेषण करने और उसके लिए व्यावहारिक समाधान तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मंत्री के मुताबिक, इस तरह की अभ्यास आधारित कार्यशाला से अधिकारियों की समस्या समाधान क्षमता और निर्णय लेने की दक्षता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नगर निकायों की कार्यप्रणाली को बनाया जाएगा अधिक नागरिक-केंद्रित
नीतीश मिश्रा ने कहा कि शहरी विकास का मतलब केवल सड़क, नाली, भवन या अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना नहीं है। इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, सुगम और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता आम लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
तकनीकी सहायता समूह के कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत तकनीकी सहायता के लिए काम कर रहे तकनीकी सहायता समूह की भूमिका और विभागीय कार्यों में उसके योगदान की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान तकनीकी सहायता समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों और विभागीय योजनाओं में उसके योगदान से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही जनशिकायतों के समाधान के लिए तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में विभाग के विशेष सचिव डॉ. नवल किशोर चौधरी, अपर सचिव मनोज कुमार, विशेष सचिव मनन राम समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी और तकनीकी सहायता समूह के सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद अब जनशिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी तकनीकी मैकेनिज्म विकसित करने और नगर निकायों के अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।




