बिहार के लिए बड़ी पहल: PRAGATI-50 में पटना और गया शामिल, देश के 50 शहरों में बनेगा स्वच्छता का नया मॉडल
पटना और गया अब देश के उन चुनिंदा 50 शहरों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें शहरी स्वच्छता और बेहतर नगर प्रबंधन के मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा।

बिहार के लिए बड़ी पहल: PRAGATI-50 में पटना और गया शामिल, देश के 50 शहरों में बनेगा स्वच्छता का नया मॉडल
बिहार : पटना और गया अब देश के उन चुनिंदा 50 शहरों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें शहरी स्वच्छता और बेहतर नगर प्रबंधन के मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से 29 सितंबर 2026 को शुरू की गई PRAGATI-50 पहल के तहत 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 50 शहरों का चयन किया गया है। बिहार से पटना और गया को इस पहल में जगह मिली है।
PRAGATI-50 के जरिए स्वच्छता व्यवस्था को मिलेगा नया फोकस
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में PRAGATI-50 कार्यक्रम की शुरुआत की गई। बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इस पहल को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

PRAGATI-50 का उद्देश्य केवल नियमित साफ-सफाई तक सीमित नहीं है। चयनित शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोग किए गए जल के प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था, आधुनिक तकनीक और नागरिकों की भागीदारी जैसे क्षेत्रों में बेहतर एवं टिकाऊ व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
पटना और गया को मॉडल शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी
बिहार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि पटना और गया का PRAGATI-50 में शामिल होना राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उनके अनुसार, दोनों शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ठोस कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों में नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। लक्ष्य यह है कि पटना और गया में ऐसे प्रभावी मॉडल तैयार किए जाएं, जिन्हें शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में दूसरे शहरों के लिए भी उदाहरण के तौर पर देखा जा सके।

24 राज्यों के 50 शहरों पर रहेगा विशेष ध्यान
PRAGATI-50 के तहत देश के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 50 शहरों को चुना गया है। इन शहरों में प्रशासनिक महत्व वाले शहरों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक, विरासत, तीर्थ और आर्थिक महत्व वाले शहरों को भी शामिल किया गया है।
चयनित शहरों में सामान्य स्वच्छता अभियानों से आगे बढ़कर उच्च प्रदर्शन वाले स्वच्छता मानकों को लागू करने पर जोर रहेगा। इसके तहत शहरों की स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्तर पर समाधान विकसित किए जाएंगे।
कचरा प्रबंधन से लेकर इस्तेमाल किए गए पानी तक पर जोर
इस पहल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एक प्रमुख क्षेत्र होगा। शहरों में कचरे के संग्रहण, प्रबंधन और प्रसंस्करण को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ उपयोग किए गए पानी के बेहतर प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के व्यापक लक्ष्यों में भी वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और अपशिष्ट जल के सुरक्षित उपचार एवं पुन: उपयोग पर जोर दिया गया है।
स्थानीय स्तर पर नवाचार और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा
PRAGATI-50 के तहत चयनित शहरों में स्वच्छता से जुड़ी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नए और अभिनव प्रयासों को बढ़ावा देने की योजना है। इसमें स्थानीय प्रशासन के साथ नागरिकों और अन्य हितधारकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है।
केंद्र की पहल में नागरिक फीडबैक और तकनीकी नवाचार को भी महत्व दिया जा रहा है। PRAGATI-50 के साथ स्वच्छता क्षेत्र में स्टार्टअप और नई तकनीकों को बढ़ावा देने की पहल भी जोड़ी गई है।
बिहार के शहरी विकास को मिल सकती है नई दिशा
पटना और गया का PRAGATI-50 में चयन बिहार में शहरी स्वच्छता और नगर प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए एक नया अवसर लेकर आया है। पटना राज्य की राजधानी होने के साथ प्रमुख प्रशासनिक और आर्थिक केंद्र है, जबकि गया धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है।
ऐसे में दोनों शहरों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन, तकनीकी समाधान और नागरिक सहभागिता को एक साथ जोड़कर काम करने से शहरी सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नए प्रयोग किए जा सकते हैं।
‘पटना-गया जी बनेंगे स्वच्छता के मॉडल’: नीतीश मिश्रा
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने PRAGATI-50 में बिहार के दोनों शहरों के चयन को राज्य के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार पटना और गया को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
PRAGATI-50 के जरिए अब दोनों शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को सिर्फ रोजमर्रा की सफाई तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन और नागरिक सहभागिता के साथ एक व्यापक शहरी मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर रहेगा।




