पारसनाथ पहाड़ पर आदिवासी समाज का धर्म सम्मेलन नवम्बर में मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा ने आदिवासी संगठन सांवत सुसार बेशी पर जैन समाज की दलाली का लगाया आरोप
पारसनाथ पहाड़ में आदिवासी समाज से जुड़े संगठन मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा क़े बैनर तले विशाल धर्म सम्मेलन के आयोजन किया जायेगा.

पारसनाथ पहाड़ पर आदिवासी समाज का धर्म सम्मेलन नवम्बर में मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा ने आदिवासी संगठन सांवत सुसार बेशी पर जैन समाज की दलाली का लगाया आरोप
5 नवंबर को सम्मेलन में शामिल होंगे सीएम हेमंत सोरेन
गिरिडीह : मनोज कुमार।
गिरिडीह : पारसनाथ पहाड़ में आदिवासी समाज से जुड़े संगठन मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा क़े बैनर तले विशाल धर्म सम्मेलन के आयोजन किया जायेगा. धर्म सम्मेलन में देश विदेश से हज़ारो मारंग बुरु को चाहने वालो का जुटान होगा. इस मौक़े पर झारखण्ड क़े मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत आदिवासी समाज से जुड़े कई कद्दावर नेता भी शिरकत करेंगे.
यह धर्म सम्मेलन आगामी 4 पर 5 नवंबर को पारसनाथ पहाड़ क़े तल्हट्टी पर आयोजित किया जायेगा. आयोजन समिति ने धर्म सम्मेलन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. शुक्रवार को मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा क़े पदाधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यक्रम की जानकारी प्रेषित की.

इस मौक़े पर मरांग बुरु सांवत सुसार बेशी के सदस्य नुनका टुडू, बुधन हेंब्रम द्वारा धर्म सम्मेलन के आयोजन सवाल उठाने और संघर्ष मोर्चा के सदस्यों पर लगाए गए आरोप से तिलमिलाए मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा क़े महावीर मुर्मू, सुधीर बास्के, शिवलाल सोरेन समेत अन्य सदस्यों ने मरांग बुरु सांवत सुसार बेशी के सदस्यों पर जैन समाज का दलाल बनने का आरोप लगाया। संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा आगामी 4 और 5 नवंबर को मधुबन के पारसनाथ पहाड़ में होने जा रहे धर्म सम्मेलन में देश भर से आदिवासी समुदाय के धर्मगुरु शामिल होंगे।

जबकि अंतिम दिन 5 नवम्बर को खुद सीएम हेमंत सोरेन के भी शामिल होने का दावा किया गया। और कहा कि मरांग बुरु सांवत सुसार बेशी के सदस्यों ने जो आरोप लगाया है कि मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा धर्म सम्मेलन सिर्फ आदिवासी समुदाय को बरगलाने के लिए ऐसे आयोजन कर रहा है। यह पूरी तरह से बेबुनियाद है।
जबकि मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा का प्रयास है कि इस धर्म सम्मेलन में आदिवासी समुदाय के धर्म गुरुओं के बीच हेमंत सरकार से अपील किया जाएगा कि अब मधुबन का सम्मेद शिखर पार्श्वनाथ पहाड़ के स्वामित्व पर फैसला ले, और अधिसूचना जारी करे कि पारसनाथ पहाड़ आदिवासी वर्ग का है। क्योंकि समूचे आदिवासी समुदाय के देवस्थली के रूप में मरांग बुरु का पूजन स्थल जाहेर माँजी थान है।
ऐसे में राज्य सरकार को यह बताने के लिए इस धर्म सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा के सदस्यों सुधीर बास्के शिवलाल सोरेन, महावीर मुर्मू ने जॉइंट प्रेसवार्ता के दौरान मरांग बुरु सांवत सुसार बेशी के सदस्यों मुनका टुडू, बुधन हेंब्रम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा मरांग बुरु सांवत सुसार बेशी के सदस्य अब जैन समाज के गोद में बैठकर उनकी दलाली कर रहे है कि किस तरह से जैन मुनि से मरांग बुरु सांवत सुसार बेशी के सदस्य उनका आशीर्वाद ले रहे हैं और मरांग बुरु के पूजन स्थल जुग ज़ाहिर थान को बचाने में जुटे मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा के सदस्यों को झूठा घोषित करने के प्रयास में लगे हुए है।




