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पटना के बामेती से शुरू हुआ बड़ा कृषि अभियान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया ‘कृषि जनकल्याण संवाद अभियान’ का शुभारंभ

पटना के बामेती से गुरुवार को बड़े कृषि अभियान की शुरुआत की गई। यहां किसान समृद्धि, महिला उधमी, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान एवं जन कल्याण संवाद अभियान का शुभारंभ माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किया।

पटना के बामेती से शुरू हुआ बड़ा कृषि अभियान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया ‘कृषि जनकल्याण संवाद अभियान’ का शुभारंभ

किसान समृद्धि, महिला उद्यमी, युवा रोजगार और श्रमिक उत्थान के साथ किसानों की सेवा तथा उनकी आय बढ़ाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य : श्री शिवराज सिंह चौहान

प्रकृति, प्रतिभा का सम्मान—राष्ट्र एवं समाज के उत्थान के लिए कृषि अभियान के माध्यम से किसान, महिला, युवा और श्रमिक वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की होगी कोशिश : श्री विजय कुमार सिन्हा

पटना, 20 अगस्त।

पटना के बामेती से गुरुवार को बड़े कृषि अभियान की शुरुआत की गई। यहां किसान समृद्धि, महिला उधमी, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान एवं जन कल्याण संवाद अभियान का शुभारंभ माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा किया।

22 अगस्त से मगध की पावन धरती गया जी से कृषि जनकल्याण संवाद अभियान की शुरुआत होगी, जो जिलास्तर पर हर जिले में चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान माननीय कृषि मंत्री किसानों और पदाधिकारियों के साथ सीधे संवाद करेंगे। साथ ही, किसान समृद्धि, महिला उद्यमिता, युवा रोजगार और श्रमिक उत्थान के माध्यम से हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रकृति प्रतिभा का सम्मान-राष्ट्र समाज का उत्थान की अवधारणा पर आधारित इस संवाद अभियान के जरिए राज्य भर में आधुनिक कृषि, फसल प्रबंधन, प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पर संवाद होगा। इसके साथ ही इसमें महिला सशक्तीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन तथा किसानों को बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने जैसे विषयों पर भी मंथन किया जाएगा।

गुरुवार को इसके शुभारंभ के मौके पर राज्य के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मौजूद थे।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धरती पर अगर कोई भगवान है, तो वह किसान है और मैं किसानों का सेवक हूं। खेती-किसानी को बेहतर बनाने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अथक प्रयासों से एक समेकित कृषि प्रणाली यानी एकीकृत कृषि प्रणाली विकसित किया गया है, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

माननीय प्रधानमंत्री और बिहार सरकार की चिंता यह है कि हमारे ज्यादातर किसान छोटे हैं। कम जोत वाली भूमि में रोजी-रोटी चलाना, फायदे की खेती करना और परिवार चलाना आसान नहीं है। इसलिए हम लोगों ने कोशिश की है कि हम खेती का ऐसा मॉडल बनाएं कि कम खेती में भी ज्यादा आमदनी हो।

उन्होंने कहा कि हमारे किसानों के पास जमीन कम और कृषि लागत बढ़ती जा रही है। ऐसे में हमें कृषि लागत को कम करने की दिशा में काम करना होगा। सरकारी स्तर पर लगातार इसके लिए प्रयास हो रहे हैं।

आज हमारे समक्ष एक बड़ी चुनौती है कि केमिकल वाले फर्टिलाइजर के कारण हमारी जमीनें खराब हो गई हैं, हमारी जमीन का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। इसके लिए किसानों के बीच जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से खेती की लागत को कम किया जा सकता है और किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सकता है।

इस अवसर पर बिहार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जन कल्याण संवाद अभियान पाटलिपुत्र की धरती से शुरू होकर हर जिले तक पहुंचेगा। यह कृषि विकास का नया विचार है। किसान, महिला, युवा, श्रमिक सबकी इसमें भागीदारी होगी। इसमें कृषि को जन कल्याण और प्रगति का आधार बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। बिहार के विकास और खुशहाली के लिए कृषि का विकास बेहद जरूरी है।

सभा को संबोधित करते हुए माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कृषि रोड मैप की शुरुआत की गई थी, जिसका राज्य के कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों ने भी अपनी मेहनत और नई तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाया है और देश के अन्य राज्यों के किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया है।

कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि आज किसान समृद्धि, महिला उद्यमी, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान, कृषि जनकल्याण संवाद में राजस्व मंत्री होने के नाते मैं यह कहूंगा कि भूमि सर्वेक्षण का काम चल रहा है, डिजिटलीकरण का भी काम चल रहा है और किसानों को किसानों को उनकी जमीन पर स्पष्ट और विवाद-मुक्त अधिकार मिले, इसके लिए हम लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि से प्राप्त अनुभव साझा किए। श्री रामजीत शर्मा, विक्रम; श्री राम विनय कुमार, दुल्हिन बाजार, पटना; श्रीमती सुशीला देवी, मनेर, पटना तथा श्री सुधांशु, समस्तीपुर ने प्राकृतिक विधि से खेती एवं उससे प्राप्त लाभों की जानकारी दी।

किसानों ने बताया कि प्राकृतिक विधि से खेती अपनाने के बाद उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा कृषि लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है। समस्तीपुर के कृषक श्री सुधांशु ने फल उत्पादन के क्षेत्र में अपनी सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि फल की खेती से अधिक आमदनी प्राप्त हो रही है और इससे अनेक अन्य लोग भी रोजगार एवं आजीविका से जुड़े हैं।

इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कृषकों श्रीमती रश्मि राय, श्रीमती सुशीला देवी एवं श्रीमती सोनी देवी सहित अन्य सफल किसानों को माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल तथा माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार द्वारा प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह अभियान बिहार में कृषि को नई तकनीक, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मूल्य संवर्धन, उद्यमिता और बाजार से जोड़ते हुए किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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