नक्सल संगठन की कमर पर सबसे बड़ा वार! 1 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा गिरफ्त में, झारखंड में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है।

नक्सल संगठन की कमर पर सबसे बड़ा वार! 1 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा गिरफ्त में, झारखंड में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका
गिरिडीह, मनोज कुमार।
रांची/गिरिडीह : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और ₹1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरिडीह-धनबाद सीमावर्ती क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ मोछू, सौरभ उर्फ गौरव तथा दो अन्य ग्रामीणों को भी हिरासत में लिया गया है।

मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उसके खिलाफ कई राज्यों में नक्सली गतिविधियों के मामले दर्ज बताए जाते हैं।
विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान चलाकर सुरक्षा बलों ने यह सफलता हासिल की।
फिलहाल सभी गिरफ्तार लोगों से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ के दौरान नक्सली संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, वित्तीय स्रोत और सहयोगियों से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे ऑपरेशन का आधिकारिक खुलासा करेगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से झारखंड में माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और नक्सल विरोधी अभियान को नई गति मिलेगी।
झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में इसे सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक माना जा रहा है।




