डिजिटल क्रॉप सर्वे (रबी) 2025-26 एवं फार्मर रजिस्ट्री के क्रियान्वयन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन
डिजिटल क्रॉप सर्वे (रबी) 2025-26 एवं फार्मर रजिस्ट्री के क्रियान्वयन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन बामेती, पटना के सभागार में आयोजन किया गया।

डिजिटल क्रॉप सर्वे (रबी) 2025-26 एवं फार्मर रजिस्ट्री के क्रियान्वयन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री कार्य को गति देने के निर्देश
डिजिटल क्रॉप सर्वे (रबी) 2025-26 एवं फार्मर रजिस्ट्री के क्रियान्वयन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन बामेती, पटना के सभागार में आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने की। कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से फसल आंकड़ों के सटीक संग्रह, पारदर्शिता और त्वरित नीति निर्माण को सुदृढ़ करना रहा।

प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत संचालित एग्रीस्टैक (।हतपैजंबा) परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य कृषि फसल सर्वेक्षण की पारंपरिक प्रक्रियाओं को डिजिटल, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाना है। इस पहल के माध्यम से राज्य में फसल संबंधी आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण एवं उपयोग में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तीव्र प्रगति लाने के उद्देश्य से इसे मिशन मोड में दो चरणों में संपादित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण कार्य में कृषि विभाग के प्रखण्ड एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी संयुक्त रूप से सहभागिता करेंगे। इस कार्य के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सतत निगरानी का दायित्व संबंधित जिला पदाधिकारी एवं प्रमंडलीय आयुक्त को सौंपा गया है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना से रबी एवं खरीफ मौसम में बोई गई फसलों के आच्छादन क्षेत्र का सही आकलन संभव होगा। इससे फसल उत्पादन के अनुमान अधिक सटीक होंगे, जो किसानों के हित में समय पर विपणन व्यवस्था, भंडारण योजना तथा मूल्य निर्धारण में सहायक सिद्ध होंगे। इसके साथ ही यह प्रणाली कृषि नीति निर्धारण, फसल बीमा, आपदा राहत, सब्सिडी वितरण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डिजिटल तकनीक के उपयोग से यह सर्वेक्षण प्रक्रिया न केवल तेज और पारदर्शी होगी, बल्कि इससे कृषि क्षेत्र में डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूती मिलेगी, जिससे राज्य के किसानों को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर कृषि निदेशक, बिहार श्री सौरभ सुमन यादव, निदेशक, बामेती, पटना श्री धनंजयपति त्रिपाठी सहित विभाग के वरीय पदाधिकारीगण एवं सभी जिला के जिला कृषि पदाधिकारी, उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) तथा सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी उपस्थित थे।




