टाइगर’ की गिरफ़्तारी के बाद पत्नी अनीता किस्कू उर्फ़ बबीता का सरेंडर
प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) सदस्य और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ 'टाइगर' की गिरफ्तारी के बाद अब उसकी पत्नी अनीता किस्कू उर्फ़ बबीता ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

टाइगर’ की गिरफ़्तारी के बाद पत्नी अनीता किस्कू उर्फ़ बबीता का सरेंडर
दस्ते की कमांडर रही है हार्डकोर नक्सली
महिलाओं को माओवादी संगठन से जोड़ने, उन्हें प्रशिक्षित करने और महिला दस्ते को मजबूत करने की थी जिम्मेवारी
“नई दिशा” से प्रभावित होकर की आत्मसमर्पण
गिरिडीह : मनोज कुमार।
गिरिडीह : प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) सदस्य और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ ‘टाइगर’ की गिरफ्तारी के बाद अब उसकी पत्नी अनीता किस्कू उर्फ़ बबीता ने आत्मसमर्पण कर दिया है। बबीता पारसनाथ और गोमिया के झुमरा पहाड़ समेत कई नक्सल प्रभावित इलाकों में संगठन का अहम चेहरा रही है। वह ग्रामीण महिलाओं को माओवादी संगठन से जोड़ने, उन्हें प्रशिक्षित करने और महिला दस्ते को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालती थी। संगठन के शीर्ष नेतृत्व में उसकी अच्छी पकड़ और प्रभाव माना जाता रहा है।

बताया जाता है कि अनीता किस्कू उर्फ़ बबीता पारसनाथ जोन में महिला दस्ते का नेतृत्व करती थी और उसे संगठन की हार्डकोर सदस्य माना जाता है। उसके खिलाफ धनबाद, गिरिडीह, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) सहित कई जिलों में नक्सली गतिविधियों से जुड़े अनेक मामले दर्ज हैं।

बबीता के आत्मसमर्पण होने से संगठन के पर्दे के पीछे सक्रिय कई शीर्ष नक्सली नेताओं, उनके नेटवर्क और गतिविधियों से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं। पत्रकारों से बात करते हुए बबिता ने आह्वान किया कि रेड कोरिडोर में रहने वाले मुख्य धारा से जुड़ जाये. इधर अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद गिरिडीह में नक्सल विरोधी अभियान और तेज हो गया है।

सुरक्षाबल शेष नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। गिरिडीह एसपी डॉ विमल कुमार ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण नीति नई दिशा के तहत बबिता ने सरेंदर किया है. उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित सुविधा और प्रायोजित राशि दी जाएगी. उन्होंने बताया कि अनीता उर्फ़ बबिता को वर्ष 2009 से माओवाद की विचारधारा से प्रभावित होकर संगठन से जुड़ गयी और वर्ष 2017 में पार्टी ने इन्हे एरिया कमिटी की जिम्मेवारी सौंप दी.
बबिता संगठन में रहकर महिलाओ को संगठन से जोड़ने का काम करती थी. एसपी ने बताया कि आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आज वह सरेंदर की है. मौक़े पर नक्सल एएसपी सुरजीत कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद थे.



