झारखंड के पलामू जिला स्थित हुसैनाबाद प्रखंड के देवीरी ग्राम एवं बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत नौहट्टा प्रखंड के देवीपुर ग्राम के बीच सोन नदी पर प्रस्तावित अंतर्राज्यीय पुल अब निर्माण की दिशा में निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।
झारखंड के पलामू जिला स्थित हुसैनाबाद प्रखंड के देवीरी ग्राम एवं बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत नौहट्टा प्रखंड के देवीपुर ग्राम के बीच सोन नदी पर प्रस्तावित अंतर्राज्यीय पुल अब निर्माण की दिशा में निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।

झारखंड के पलामू जिला स्थित हुसैनाबाद प्रखंड के देवीरी ग्राम एवं बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत नौहट्टा प्रखंड के देवीपुर ग्राम के बीच सोन नदी पर प्रस्तावित अंतर्राज्यीय पुल अब निर्माण की दिशा में निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।
पलामू : हुसैनाबाद–हरिहरगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत झारखंड के पलामू जिला स्थित हुसैनाबाद प्रखंड के देवीरी ग्राम एवं बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत नौहट्टा प्रखंड के देवीपुर ग्राम के बीच सोन नदी पर प्रस्तावित अंतर्राज्यीय पुल अब निर्माण की दिशा में निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। यह उपलब्धि हुसैनाबाद के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री कमलेश कुमार सिंह के निरंतर, तथ्यपरक एवं दूरदर्शी प्रयासों का प्रतिफल है।

श्री कमलेश कुमार सिंह ने इस बहुप्रतीक्षित पुल की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए अपने पत्रांक–17/23, दिनांक 07.02.2023 के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को सोन नदी पर बहुउपयोगी पुल निर्माण का औपचारिक प्रस्ताव भेजा।
इसके पश्चात केंद्रीय मंत्रालय द्वारा पत्रांक 12027/02/2023/झारखंड/ईस्ट–1, दिनांक 22.02.2023 के माध्यम से यह अवगत कराया गया कि एक पुल पहले से निर्माणाधीन है।
इस पर श्री कमलेश कुमार सिंह ने अपने पत्रांक–74/23, दिनांक 04.03.2023 द्वारा स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मंत्रालय द्वारा संदर्भित पुल गढ़वा जिले के भीतर स्थित एक अलग परियोजना है, जबकि प्रस्तावित पुल पलामू (झारखंड) और रोहतास (बिहार) को जोड़ने वाला अलग अंतर्राज्यीय पुल है, जिसकी दूरी निर्माणाधीन पुल से लगभग 40 किलोमीटर है।
इस स्पष्टिकरण के बाद मामला गंभीरता से संज्ञान में लिया गया।
दिनांक 13.03.2023 को माननीय मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा स्वयं ई-मेल के माध्यम से इस विषय को VVIP Reference मानते हुए उच्च अधिकारियों को परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रसारित किया गया, जिसका उल्लेख VIR Management Portal पर भी दर्ज है।
इसके उपरांत परियोजना से संबंधित डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार करने हेतु टेंडर जारी किया गया, तथा प्रस्तावित स्थल पर मिट्टी की तकनीकी जांच (Soil Testing) जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएँ भी पूर्ण की गईं।
बाद में श्री कमलेश कुमार सिंह ने पत्रांक–159/23, दिनांक 22.05.2023 के माध्यम से पुनः इस विषय को गति देने का अनुरोध किया तथा अंततः प्रगति के लिए पत्रांक–295/23, दिनांक 25.09.2023 द्वारा केंद्रीय मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए परियोजना की प्रगति की पुष्टि की।
आज यह परियोजना निर्माण प्रक्रिया के अंतिम चरण में है, जो हुसैनाबाद–हरिहरगंज क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक विकासात्मक उपलब्धि मानी जा रही है। इस पुल के निर्माण से व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, आवागमन और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक लाभ होगा।
वाराणसी, सासाराम, रोहतास जैसे प्रमुख केंद्रों की दूरी में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा जपला–चतरपुर मार्ग झारखंड और बिहार को जोड़ने वाला एक मुख्य संपर्क मार्ग के रूप में विकसित होगा। इससे क्षेत्र में नए व्यापारिक अवसर और आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को गति प्रदान करने में पलामू के सांसद श्री विष्णु दयाल राम की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही है। उन्होंने न केवल इस विषय को संसद में प्रभावी रूप से उठाया, बल्कि केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी से प्रत्यक्ष भेंट कर परियोजना को फास्ट-ट्रैक कराने में सक्रिय सहयोग दिया।
हुसैनाबाद क्षेत्र की जनता के लिए सोन नदी पर प्रस्तावित यह पुल केवल एक संरचना नहीं, बल्कि विकास, समृद्धि और क्षेत्रीय एकता का सेतु है इसके लिए क्षेत्र की जनता पूर्व विधायक श्री कमलेश कुमार सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत प्रयासों एवं जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के लिए आभार प्रकट करती है।




