चैताडीह मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के SNCU में धुआं भरने से मची अफरातफरी,नवजातों को सुरक्षित निकाला गया
गिरिडीह जिला के चैताडीह स्थित मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) में शुक्रवार को करीब साढ़े 12 बजे अचानक धुआं भर जाने से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई।

चैताडीह मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के SNCU में धुआं भरने से मची अफरातफरी,नवजातों को सुरक्षित निकाला गया
ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : जिला के चैताडीह स्थित मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) में शुक्रवार को करीब साढ़े 12 बजे अचानक धुआं भर जाने से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। SNCU में धुआं भरते ही अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और केंद्र में भर्ती सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद पूरे SNCU हॉल में तेजी से धुआं भर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। धुआं भरने की जानकारी मिलते ही अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए नवजातों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

घटना के दौरान SNCU में भर्ती बच्चों के परिजन भी घबरा गए। अचानक अस्पताल के अंदर से धुआं निकलता देख लोगों में कुछ देर के लिए दहशत की स्थिति बनी रही। कर्मियों की तत्परता के कारण नवजातों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

मामले को लेकर डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। उन्होंने बताया कि SNCU में भर्ती सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक बताई गई है, जबकि अन्य नवजात सुरक्षित हैं।

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। साथ ही नवजात बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आग और धुएं से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल में बिजली व्यवस्था और शॉर्ट सर्किट के कारणों की भी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।
SNCU जैसे संवेदनशील वार्ड में अचानक आग और धुआं भरने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां गंभीर हालत में नवजात बच्चों को रखा जाता है, जिनमें कई बच्चे ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में समय रहते निकासी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह रही कि अस्पताल कर्मियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सभी नवजातों को SNCU से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ और हलचल बनी रही।




