गीता जयंती के अवसर पर बजरंग दल के द्वारा गिरिडीह में निकाला गया शोर्य संचालन
गिरिडीह, 33 वर्ष पूर्व 6 दिसंबर 1992 को गीता जयंती पर राम जन्म भूमि पर बाबरी मस्जिद नामक ढांचा हटाया गया था

गीता जयंती के अवसर पर बजरंग दल के द्वारा गिरिडीह में निकाला गया शोर्य संचालन
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : 33 वर्ष पूर्व 6 दिसंबर 1992 को गीता जयंती पर राम जन्म भूमि पर बाबरी मस्जिद नामक ढांचा हटाया गया था, अंग्रेजी तिथि अनुसार 6दिसम्बर था, लेकिन हिंदी तिथि के अनुसार गीता जयंती था। द्वापर युग मे भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के युद्ध के दौरान अपने शिष्य अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था

इसे देखते हुए बजरंगदल के द्वारा इस दिवस के रूप मे इस माह शौर्य माह के रूप मनाने का संकल्प लिया गया है, इस अवसर पर 7 दिसंबर 2025 दिन रविवार को शौर्य संचलन कार्यकर्म बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्यामंदिर गिरिडीह मे आयोजित किया गया, कार्यकर्म मे जिले के विभिन्न प्रखंडो से बजरंगदल और विहिप के कार्यकर्त्ता पहुंचे।

कार्यकर्म की शुभारम्भ मुख्य अतिथि मनोज पाण्डेय अर्चक पुरोहित प्रमुख, झारखण्ड प्रान्त, रंगनाथ महतो , विहिप जिला अध्यक्ष राम किशोर शरण, बिभाग मंत्री अनूप , विभाग धर्मा चार्य प्रमुख कृष्णदेव पाण्डेय, जिला मंत्री भरत साहू के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा से एक भव्य शौर्य यात्रा निकाली गई,

यह शोभा यात्रा मकतपुर चौक, कालिबाड़ी चौक जिला परिषद चौक होते हुए पुनः सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पहुंचकर सभा मे प्रणित हो गई। मंच के अध्यक्षता विहिप अध्यक्ष राम किशोर शरण ने किया। मंच संचालन विहिप जिला मंत्री भरत साहू ने की।इस कार्यकर्म मे मुख्य अतिथि झारखण्ड प्रान्त के अर्चक पुरोहित प्रमुख मनोज पाण्डेय ,

झारखण्ड प्रान्त के बजरंगदल संयोजक रंगनाथ महतो, विहिप जिला सह मंत्री शिवपुजन , विहिप जिला सह सेवा प्रमुख शिव शंकर साहू,बजरंग दल जिला संयोजक रविंदर स्वर्णकार, जिला गौ रक्षा प्रमुख निरंजन कुमार, जिला सुरक्षा प्रमुख शंकर मण्डल,जिला कोषाध्यक्ष अनिल चंद्रवंशी, अरुण बरनवाल डुमरी से अजय कुमार रज्जक,
प्रवीण बरनवाल, गिरिडीह नगर से ज्योति साहा, दीपक बरबिघीया, गौतम कुमार, शंकर कुमार, गांवा से भगवान दास बरनवाल, उपेन्दर कुमार, बिरनी से ईश्वर कुमार, बबलू कुमार, बालेश्वर जी, राजधनवार से रोबिन कुमार रवानी, श्री कांत स्वर्णकार ओमप्रकाश , सुरेंदर वर्मा ,सहित सभी प्रखंडो से सेकड़ो कारकर्ता ने इस कार्यकर्म में मौजूद थे।
गिरिडीह, झारखंड।




