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गिरिडीह कॉलेज में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता एबीवीपी ने लगाया प्रभारी प्राचार्य पर आरोप लाखो का हुआ गड़बड़झाला

शिक्षा के मंदिर में गड़बड़झाला, जी कुछ ऐसा ही आरोप गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य पर लगा है. भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता किये जाने का आरोप एबीवीपी के जिला इकाई ने लगाया है

गिरिडीह कॉलेज में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता एबीवीपी ने लगाया प्रभारी प्राचार्य पर आरोप लाखो का हुआ गड़बड़झाला

गिरिडीह : मनोज कुमार।

गिरिडीह : शिक्षा के मंदिर में गड़बड़झाला, जी कुछ ऐसा ही आरोप गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य पर लगा है. भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता किये जाने का आरोप एबीवीपी के जिला इकाई ने लगाया है. आरोप है कि इग्नू के परीक्षा में प्रभारी प्राचार्य ने बगैर ड्यूटी किये हुए लाखो रूपए कि निकासी कर ली इसके अलावे प्रोफेसर डॉ प्रभास मणि पाठक के नाम से भी प्रभारी प्राचार्य ने फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे कि निकासी की है.

रविवार को बस स्टैंड के समीप एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के प्रदेश सह संयोजक मंटू मुर्मू, जिला संयोजक नीरज चौधरी और एसएफएस सह संयोजक अनीश रॉय ने कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य समेत कुछ शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.

अभाविप नेताओं का आरोप है कि दिसंबर 2025 में प्रभारी प्राचार्य डॉ एमएन सिंह युवा महोत्सव में टीम मैनेजर के रूप में हजारीबाग में थे, जबकि उसी अवधि में गिरिडीह कॉलेज में आयोजित इग्नू परीक्षा में उनकी ड्यूटी भी दिखायी गयी और भुगतान किया गया. संगठन ने दावा किया कि शिकायत के बाद इग्नू की जांच में मामला सामने आने पर राशि लौटायी गयी.

प्रेस वार्ता में कॉलेज में परीक्षा ड्यूटी, फर्जी हस्ताक्षर, भुगतान और बैंक खाते से राशि निकासी में भी अनियमितता के आरोप लगाये गये.अभाविप ने पांच मार्च 2025 को कॉलेज के संयुक्त खाते से करीब सवा लाख रुपये निकासी में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की.

संगठन ने प्रभारी प्राचार्य व अन्य शिक्षकों की बायोमीट्रिक उपस्थिति की भी जांच कराने की मांग की. साथ ही कॉलेज में सुरक्षा प्रभारी के पद पर एक व्यक्ति की नियुक्ति और उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाये.अभाविप नेताओं ने कहा कि प्रेस वार्ता में सामने रखे गये आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर कई वर्षों से चली आ रही वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है. उन्होंने विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की.

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