उसरी जलप्रपात हमारी धरोहर, इसे सहेजने की जरूरत : रितेश सराक
अभिनव साहित्यिक संस्था ने उसरी वाटरफॉल में की सांस्कृतिक गोष्ठी

उसरी जलप्रपात हमारी धरोहर, इसे सहेजने की जरूरत : रितेश सराक
अभिनव साहित्यिक संस्था ने उसरी वाटरफॉल में की सांस्कृतिक गोष्ठी
गिरीडीह:मनोज कुमार
गिरिडीह : गिरिडीह की साहित्यिक संस्था अभिनव ने जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल उसरी वाटरफॉल में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर की स्मृति में सांस्कृतिक गोष्ठी का आयोजन किया। अभिनव साहित्यिक यात्रा के तहत अभिनव के सदस्य उसरी जलप्रपात पहुंचे और सर्वप्रथम गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। इसके बाद गीत, संगीत, कविता और ग़ज़ल से उसरी वाटरफॉल की फिजा महकने लगी। अभिनव के सचिव रितेश सराक ने बताया कि उसरी नदी और झरना गिरिडीह का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के साथ हमारी सांस्कृतिक पहचान भी है। इसे सहेजने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि उसरी नदी के झरने से गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर का विशेष लगाव था। इसकी प्राकृतिक सुंदरता का विवरण हमें रवीन्द्र साहित्य में भी मिलता है।

अभिनव के अध्यक्ष डॉ छोटू प्रसाद चंद्रप्रभ ने बताया कि गिरिडीह में पहली बार किसी संस्था ने उसरी नदी के झरने के मुक्ताकाश मंच पर गुरुदेव रवीन्द्रनाथ की स्मृति में सांस्कृतिक आयोजन कर इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया है। कार्यक्रम का संचालन आलोक रंजन ने किया। इस आयोजन में डॉ छोटू प्रसाद चंद्रप्रभ, राजेश पाठक, नवीन कुमार सिन्हा, शंकर पाण्डेय, आलोक रंजन, राजेश सिन्हा, हलीम असद, अनन्या निशु, प्रभाकर कुमार, रामजी यादव, लवलेश वर्मा, विनोद कुमार, अमरनाथ घोष, माधवी साहा, आशीष कुमार और अन्य सदस्य शामिल हुए।




