उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSC) की बैठक आयोजित की गई।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित
पलामू : उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जिले में संचालित योजनाओं की प्रगति, पेयजल स्रोतों की स्थिरता एवं जल सुरक्षा तथा ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा निर्धारित Departmental Summit के Theme-3 ‘Source Sustainability of Drinking Water’ एवं Theme-4 ‘Operation & Maintenance of Rural Drinking Water Supply’ को विशेष महत्व देते हुए जिला स्तर पर आवश्यक कार्ययोजना एवं उसके क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। पेयजल स्रोतों को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित एवं सतत बनाए रखने के लिए स्रोतों की स्थिति का निरंतर आकलन, संभावित जोखिमों की पहचान, क्षेत्र सत्यापन, शमन योजना तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
डीसी ने निर्देश दिया कि पेयजल स्रोतों की स्थिरता को वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रखते हुए भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रभावी जल सुरक्षा योजना तैयार की जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से जल स्रोतों के संरक्षण, जोखिम न्यूनीकरण एवं निरंतर निगरानी की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव (O&M) को प्रभावी बनाने के लिए योजना स्तर पर परिसंपत्तियों की सूची एवं उनकी स्थिति का नियमित आकलन, निवारक रखरखाव कैलेंडर, आवश्यक स्पेयर की उपलब्धता तथा प्रमुख मरम्मत एवं प्रतिस्थापन की पूर्व योजना सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण सुनिश्चित करते हुए उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणन, FHTC से संबंधित प्रमाणित डेटा प्रविष्टि, योजनाओं को समय पर पूर्ण करने, वित्तीय रूप से पूर्ण योजनाओं को बंद करने तथा पूर्ण योजनाओं के जल अर्पण सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। 75 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति वाली योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा जिला तकनीकी इकाई (DTU) के सक्रियण एवं क्षमता निर्माण, जिला पदाधिकारियों, VWSC/GP एवं जलसहियाओं की क्षमता वृद्धि तथा जल गुणवत्ता परीक्षण एवं निगरानी को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।
उपायुक्त श्री शेखावत ने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने तथा योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सतत पेयजल सेवा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए पेयजल स्रोतों की स्थिरता, जल सुरक्षा तथा योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं रखरखाव पर निरंतर ध्यान दिया जाए।
बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, शिक्षा एवं जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि, एवं जिला जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य उपस्थित रहे।




