आदिवासी दिवस पर आयोजित झारखंड जनजातीय महोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम आज संपन्न ।
दो दिवसीय इस महोत्सव में जम कर हुई कमाई,पारंपरिक आदिवासी पकवानों का उठाया लुत्फ

आदिवासी दिवस पर आयोजित झारखंड जनजातीय महोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम आज हुई संपन्न ।
ये दो लाइन में लिख है इस आदिवासी दिवस का खास बात अप जरूर जाने नही तो पछताएंगे….खूब ।
खबर 24 न्यूज़/ब्यूरो रिपोर्ट
जाने खास बाते: दो दिवसीय इस महोत्सव में जम कर हुई कमाई,पारंपरिक आदिवासी पकवानों का उठाया लुत्फ। आदिवासी दिवस पर आयोजित झारखंड जनजातीय महोत्सव में जेएसएलपीएस के पलाश और आदिवासी ज्वेलरी के स्टॉल की रही धूम। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का जायजा लेकर उनका हौसला बढ़ाया,महोत्सव के दौरान करीब 6 लाख रुपये के पलाश उत्पाद एवं आदिवा ज्वेलरी की हुई बिक्री। पलाश ब्रांड के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित 29 तरह के उत्पादों की हुई बिक्री, लोगों ने आजीविका दीदी कैफे में पारंपरिक आदिवासी पकवानों का उठाया लुत्फ ।

रांची/झारखंड: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड के रांची मोरहाबादी मैदान में 09 अगस्त से शुरू दो दिवसीय झारखंड जनजातीय महोत्सव 2022 का आज समापन हुआ। अपको बता दे की इस जनजातीय महोत्सव में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेसएलपीएस) द्वारा पलाश एवं आदिवा ज्वेलरी का स्टॉल लगाया गया। इसमें सखी मंडल की महिलाओं द्वारा विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगायी गयी।
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने कहा जोहार …….

झारखण्ड जनजातीय महोत्सव 2022 के समापन समारोह के आज आखिरी दिन था इसी बीच इस जनजातीय आदिवासी महोत्सव कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शामिल हुए साथ ही ढोल नगाड़ों की बुलंद आवाज एवं पारंपरिक रीति रिवाज से कार्यक्रम के मुख्य अतिथि का हुआ स्वागत ।
अपको बताते चले की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्वागत झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को सखुआ का पौधा एवं अंगवस्त्र प्रदान कर भव्य स्वागत किया ।
क्या कहा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने जाने:

अपको बता दे की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम सभी को जागरूकता दिखाना होगा और जिस तरह से आज इस झारखंड के पावन धरती पर खड़ा हूं मुझे अंदर से गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि मैं जो जनता हूं की झारखंड में खास कर ये जनजातीय आदिवासी महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन इतनी खूब सूरत और बड़ा महोत्सव झारखंड में नही हुआ था लेकिन आज जो अपलोगो ने झारखंड के तमाम मतदाता ने जो अपना आदिवासी मुख्यमंत्री चुन कर सरकार में को भेजा है उसी का प्रतिफल आप सभी के सामने नेता नही आपका एक बेटा के रूप में खड़ा है ।
माननीय मुख्यमंत्री ने ख़रीदा सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित तिरंगा

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने स्टॉल में मौजूद सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित तिरंगा ख़रीदते हुए उनका हौसला बढ़ाया और खूब सराहा है।

अपको ये भी बता दें कि पलाश ब्रांड के जो भी लगाए गए स्टॉल में सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित करीब 29 तरह के उत्पादों को बिक्री के लिए रखा गया था। उसमें शुद्ध सरसों तेल, आचार, मधु, मड़ुआ आटा, मसाले, लोबिया, लेमनग्रास एवं साबुन की काफी डिमांड रही। वहीं पलाश का आचार भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा जामुन सिरका, कालमेघ, पलाश साबुन, डिटर्जेंट, लिक्विड हैण्डवॉश को भी लोगों ने काफी पसंद किया।

ये दो दिवसीय विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में झारखंड के मोरहाबादी मैदान में आयोजित जनजातीय महोत्सव में राखी के त्योहार के मद्देनज़र आदिवा ज्वेलरी की बहुत मांग रही। सखी मंडल की बहनों द्वारा निर्मित आदिवासी पारंपरिक ज्वेलरी ब्रांड आदिवा के तहत चाँदी एवं अन्य धातुओं से बनी ज्वेलरी, जैसे झुमका, बाली की खूब मांग रही। राज्य के सांस्कृतिक एवं पारंपरिक आभूषणों को सहेजने एवं नयी पहचान देने की इस पहल को लोगों ने खूब सराहा।

लोगों ने आजीविका दीदी कैफे में पारंपरिक आदिवासी पकवानों का उठाया लुत्फ
अपको यह भी बता दे की इस महोत्सव में ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका दीदी कैफे में जायकेदार व्यजंनों का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। आजीविका दीदी कैफे में करीब 26 तरह के पारंपरिक व्यंजन एवं पकवान तैयार किए गए थे । कैफे में इन दीदीयों ने करीब 3000 पारंपरिक थाली परोसी, जिसमें झारखण्ड के लोकप्रिय व्यंजन धुसका, पीठा, डूम्बू, आदि को लोगों द्वारा काफी पसंद किया गया।

सेल्फी बूथ पर तस्वीर लेने उमड़ी भीड़
जेएसएलपीएस द्वारा आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत ” हर घर तिरंगा ” अभियान को लेकर लोगों में जागरूकता लाने के उदेश्य से सेल्फी बूथ बनाया गया था। इस बनाए गए बूथ में हर उम्र के लोगों चाहे वो बच्चा हो , बुजुर्ग हो चाहे नवजवान सभी ने उत्साह दिखाते हुए बड़ी खुशी के साथ सेल्फी तस्वीरें लीं ।
करीब 6 लाख रुपये के पलाश उत्पादों की हुई बिक्री जाने कैसे और क्यों…..

अपको यह जानकर हैरान हो जाएंगे की झारखंड सरकार के द्वारा जो सखी मंडल के नाम से विख्यात और महत्वाकांक्षी योजन पूरे झारखंड राज्य के सभी जिले से इस जनजातीय महोत्सव में अपना मेहनत कर तैयार किए गए हरेक तरह कि कला को इस महोत्सव के माध्यम से सभी सखी मण्डल के उत्पादों का अपना ब्रांड पलाश और पारंपरिक ज्वेलरी कलेक्शन अदिवा ज्वेलरी की काफी डिमांड रही इसके अलावा सभी प्रकार के चीजों को बिक्री के लिए स्टॉल लगा कर खुब पैसे की आमदनी हुई। इस महोत्सव में लगे स्टॉल के जरिए सखी मण्डल की महिलाओं ने करीब 6 लाख रुपये का कारोबार किया। वर्ष 2020 में झारखंड में सखी मंडल की महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की पहल पर पलाश ब्रांड की शुरुआत की गयी थी। इससे जुड़कर वर्तमान में करीब 2 लाख ग्रामीण महिलाएं अपनी आजीविका को सशक्त कर रही हैं। फिलहाल पलाश ब्रांड के तहत 29 उत्पाद विभिन्न जिलों में 231 पलाश मार्ट के साथ ही अमेज़न व फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।




