आईसेक्ट विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को कराया गया शैक्षणिक भ्रमण
आईसेक्ट विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को कराया गया शैक्षणिक भ्रमण

आईसेक्ट विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को कराया गया शैक्षणिक भ्रमण
हजारीबाग:ब्यूरो रिपोर्ट
हजारीबाग: आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को विज्ञान संकाय के डीन डॉ दिवाकर निराला के नेतृत्व में भगवान बिरसा जैविक पार्क, ओरमांझी, रांची का भ्रमण कराया गया।

शैक्षणिक भ्रमण पर गए 45 विद्यार्थियों के समुह को इस भ्रमण के दौरान जंगली जीवों एवं संरक्षित जीवों के जीवन शैली को समझने और जानने का मौका मिला। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने बताया कि दरअसल ऐसे शैक्षणिक भ्रमण पाठ्यक्रम का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों का व्यक्तित्व निखारना और प्रायोगिक ज्ञान को बढ़ावा देते हुए शिक्षण कार्य को प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को कराए जाते हैं। वहीं कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से वन्य जीवों के प्रति प्यार की भावना तो विद्यार्थियों में जागृत होती ही है, साथ ही विद्यार्थियों में सोंचने और समझने की क्षमता भी विकसित होती है। भ्रमण के दरमियान लुप्त होते वन्य जीवों के संरक्षण विधियों को व्यवहारिक रूप से दिखाया गया।

साथ ही आधुनिक परिवेश में भी पारिस्थितिक तंत्र में जैव विविधता के महत्व को बताया गया। विज्ञान संकाय विभाग के डीन डॉ दिवाकर निराला ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को कई अहम जानकारियां मिलती है, जिससे पढ़ाई के साथ साथ व्यवहारिक जीवन में भी कुछ नया सीखने और बेहतर करने की दिलचस्पी उनमें बढ़ती है। वहीं भ्रमण पर गए विद्यार्थियों ने कहा कि भ्रमण के दौरान विभिन्न जीव जंतुओं के अलावा पेड़-पौधों के वैज्ञानिक नाम जानने का मौका मिला। साथ ही विरासत में मिला वन्य जीवों एवं पेड़-पौधों को संरक्षण करने की विधियों को भी सीखा। बताते चलें कि छात्र-छात्राओं ने काला तेंदुआ, बाघ, शेर, भालू, मगरमच्छ, घड़ियाल, दरियाई घोड़ा, बंदर सहित अन्य जीवों व तीतर, शुतुरमुर्ग, मोर समेत अन्य पक्षियों को देखा और उनके संरक्षण में प्रयोग होने वाले कृत्रिम आवास भी देखे। इस भ्रमण में डॉ दिवाकर निराला के अलावा रसायन विज्ञान के सहायक प्राध्यापक सुरेश महतो, वनस्पति विज्ञान की सहायक प्राध्यापिका कुमारी काजल सोनी, कैलाश प्रसाद सहित भ्रमण पर गए सभी 45 विद्यार्थी शामिल थे।




